बिहार एमएलसी चुनाव में तेजस्वी इन्हें बनाएंगे राजद उम्मीदवार ! बैठक में जीत का फार्मूला तय, 9 सीटों पर 18 जून को इलेक्शन
जदयू से डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस और भीष्म साहनी जबकि भाजपा से श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, सम्राट चौधरी, राजद से मोहम्मद फारूक और सुनील कुमार सिंह और समीर कुमार सिंह कांग्रेस एमएलसी का कार्यकाल पूरा हो रहा है
Bihar MLC Election : बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर 18 जून 2026 को द्विवार्षिक चुनाव होने हैं। इन सीटों पर जिन एमएलसी का कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य सभा के लिए निर्वाचित होने के कारण एक एमएलसी सीट पर उप चुनाव हो रहा है। एमएलसी चुनाव में अपने अपने दलों को जीत दिलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों का गहन मंथन जारी है। यह चुनाव एनडीए और राजद के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला होना है. एनडीए जहां 8 एमएलसी सीटों पर आसानी से जीत हासिल करते दिख रही है वहीं राजद के लिए एक सीट को बचाने की चुनौती है।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर अपने दल के लोगों के साथ रणनीति बनाने की कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने रविवार को इसे लेकर गहन मंथन किया है। इसमें उम्मीदवार का नाम तय करने और चुनाव में कैसे जीत सुनिश्चित हो इसे लेकर अहम चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार राजद इस चुनाव में एक उम्मीदवार उतार सकता है। इसके लिए पार्टी ने पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा इसे लेकर अलग अलग नेताओं को अहम भूमिका दिए जाने की खबर है जिससे विधायकों को एकजुट रखने और महागठबंधन के अन्य घटक दलों के बीच बेहतर सामंजस्य बनाना अहम है।
महागठबंधन के 3 एमएलसी का कार्यकाल पूर्ण
दरअसल, जदयू से डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस और भीष्म साहनी जबकि भाजपा से श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, सम्राट चौधरी का कार्यकाल पूरा होने के कारण एमएलसी चुनाव हो रहा है। इसमें सम्राट चौधरी विधानसभा चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बन चुके हैं जबकि श्रीभगवान सिंह कुशवाहा भी विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। वहीं राजद से मोहम्मद फारूक और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है जबकि समीर कुमार सिंह जो कांग्रेस एमएलसी हैं उनका भी कार्यकाल पूर्ण हो रहा है।
ऐसे होगा जीत का फार्मूला
वर्तमान विधानसभा में एनडीए के पास करीब 202 विधायक हैं, जिनमें भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम शामिल हैं। एमएलसी चुनाव में एक एमएलसी सीट जीतने के लिए जरूरी वोट का फार्मूला 25 विधायकों का समर्थन से होगा। यानी किसी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 25 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। एनडीए के पास 202 विधायक हैं यानी संख्या बल के आधार पर एनडीए आराम से 8 सीटें जीत सकती है और उसके बाद भी 2 वोट बचेंगे। वहीं महागठबंधन और अन्य दलों के पास कुल मिलाकर लगभग 41 विधायक हैं, जिससे वे आसानी से 1 सीट निकाल सकते हैं। ऐसे में एक सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए तेजस्वी यादव ने कवायद तेज कर दी है।
राजद से कौन उम्मीदवार
सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव ने अपने मौजूदा एमएलसी को ही आगामी चुनाव में उम्मीदवार बना सकते हैं। राजद से मोहम्मद फारूक और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। कहा जा रहा है कि तेजस्वी के सामने तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य को टिकट देने की चर्चा हुई लेकिन पार्टी आलाकमान चाहता है कि किसी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया जाए। हालांकि इसे लेकर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि टिकट के प्रबल दावेदार कौन होगा इसका संकेत तेजस्वी ने बैठक में दे दिया है।
18 जून को चुनाव
निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों तथा एक उपचुनाव के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक संपन्न कर ली जाएगी। वहीं उपचुनाव उस सीट पर कराया जाएगा जो नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा। इस सीट के लिए वोटिंग की प्रक्रिया अलग होगी।
एनडीए में बड़ा खींचतान
जदयू विधायक दल के नेता और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी इस चुनाव में चार उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को भी पार्टी एमएलसी उम्मीदवार बना सकती है। एनडीए के भीतर सीटों को लेकर कई सहयोगी दल दावेदारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल दीपक प्रकाश फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी है। वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी अपनी पार्टी के लिए एक सीट की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने भी एक सीट पर दावा ठोका है। ऐसे में भाजपा के सामने सहयोगी दलों के बीच सीटों का संतुलन साधना बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।
रंजन की रिपोर्ट