Bihar Politics: तेजस्वी यादव कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही लेंगे ये 4 बड़े फैसले, इन सब की विदाई तय ! सियासी हलचल तेज
Bihar Politics: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव 4 बड़े फैसले ले सकते हैं। राजद में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
Bihar Politics: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रहा है। 25 जनवरी को राजद ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक बुलाई है। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। बता दें कि बीजेपी और जदयू की तर्ज पर अब राजद में भी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की परंपरा शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो 25 तारीख को तेजस्वी को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसे महज अटकल नहीं, बल्कि पुख्ता जानकारी बताया जा रहा है।
तेजस्वी लेंगे बड़ा फैसला
बताया जा रहा है कि कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव चार बड़े फैसले लेने की तैयारी में हैं। पहला अहम निर्णय 300 नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुड़ी रिपोर्ट को लेकर होगा, जिसे राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की ओर से सौंप दिया गया है। इस रिपोर्ट पर तेजस्वी यादव को कार्रवाई करनी है।
अब पार्टी कार्यालय में बैठेंगे तेजस्वी
दूसरा बड़ा बदलाव यह हो सकता है कि तेजस्वी यादव खुद लगातार पार्टी कार्यालय में बैठकर संगठनात्मक कामकाज संभालेंगे, ताकि पार्टी की गतिविधियों पर सीधी निगरानी रखी जा सके। तेजस्वी अब नियमित तौर पर राजद कार्यालय जाएंगे और वहीं से कार्यभार संभालेंगे। यानी अब तेजस्वी कोई भी गलती नहीं करना चाहते हैं। तेजस्वी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी में जुट गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष और प्रधान महासचिव की हो सकती है छुट्टी
वहीं तीसरे और चौथे फैसले के तौर पर पार्टी संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के प्रधान महासचिव को बदला जा सकता है। अगर यह निर्णय होते हैं, तो इसे पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 25 तारीख पर टिकी हैं, जब इस संबंध में औपचारिक घोषणा हो सकती है।
क्यों पड़ी कार्यकारी अध्यक्ष की जरुरत?
पार्टी सूत्रों की मानें तो राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को देखते हुए पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष के पद की आवश्यकता महसूस की जा रही है। चिकित्सकों ने उन्हें तनाव से दूर रहकर आराम करने की सलाह दी है, जिससे वे सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों में सीमित भूमिका निभा पा रहे हैं। ऐसे में संगठन की निरंतरता और सक्रिय संचालन के लिए कार्यकारी अध्यक्ष का चयन जरूरी माना जा रहा है। वहीं तेजस्वी यादव इस पद के स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं। वर्तमान में भी पार्टी के लगभग सभी अहम फैसले तेजस्वी ही ले रहे हैं और अघोषित रूप से संगठन की कमान संभाले हुए हैं। हालांकि, औपचारिक पद न होने के कारण वे कई निर्णयों की सार्वजनिक घोषणा नहीं कर पा रहे हैं।
13 वीं बार बने हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष
लालू यादव पिछले 28 सालों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं। 5 जुलाई 1997 से लालू यादव लगातार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं। जून 2025 में लालू यादव 13वीं बार राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 5 जुलाई 2025 को उनकी ताजपोशी की गई। यह लालू यादव की 13वीं कार्यकाल है जो 2028 तक रहेगी। राजद पार्टी में हर तीन साल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है। राजद पार्टी के गठन के बाद से ही लालू यादव ने ही इस पद की जिम्मेदारी संभाली है। वहीं अब माना जा रहा है कि राजद की कमान उनके हाथों से छूट सकती है।
पटना से रंजन की रिपोर्ट