तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर खुलासा किया कि उन्हें अज्ञात नंबर से फोन कर जान से मारने और वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई है। जानिए इस मामले में तेजप्रताप ने प्रशासन से क्या मांग की।
बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के नेता तेजप्रताप यादव को एक अज्ञात नंबर से फोन कर जान से मारने की धमकी मिली है। तेजप्रताप यादव ने खुद इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात कॉलर ने न सिर्फ उन्हें जान से मारने की धमकी दी, बल्कि एक कथित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने का डर दिखाकर भारी रकम की मांग करते हुए ब्लैकमेल करने का प्रयास किया।
अपराह्न 3:11 बजे आया कॉल, खुद को बताया मीडिया से जुड़ा व्यक्ति
तेजप्रताप यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उनके व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर दोपहर करीब 3:11 बजे एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने बातचीत की शुरुआत में खुद को एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस से जुड़ा हुआ बताया। इसके तुरंत बाद ही वह अपनी असल नीयत पर उतर आया और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके साथ ही, उसने वीडियो वायरल करने की एवज में अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग की कोशिश शुरू कर दी।
जनशक्ति जनता दल के अन्य नेताओं को भी दी जा रही धमकियां
अपने बयान में तेजप्रताप यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल उन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरी साजिश का हिस्सा लग रहा है। उन्होंने दावा किया कि उक्त अज्ञात कॉलर उनकी पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' के कई अन्य प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी लगातार फोन कर परेशान कर रहा है। पार्टी समर्थकों को भी इसी तरह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा है और उनसे पैसों की मांग की जा रही है, जिससे पार्टी से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
सरकार और पुलिस प्रशासन से जांच तथा कड़ी कार्रवाई की मांग
इस बेहद गंभीर मामले को लेकर तेजप्रताप यादव ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से अविलंब संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि जिस मोबाइल नंबर से यह धमकी भरा फोन आया था, उसकी त्वरित वैज्ञानिक जांच की जाए और आरोपी की लोकेशन व पहचान ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि कानून के तहत दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनके और उनकी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा पुख्ता की जाए।
धमकी और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ कड़ा रुख, कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में तेजप्रताप यादव ने अपने तेवर सख्त करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार की धमकियों, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के प्रयासों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश और प्रदेश में कानून व्यवस्था सबसे ऊपर है और कानून से ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और पुलिस जांच की तैयारी में जुट गई है।