Bihar News: बाप रे...10 साल में उत्पाद विभाग ने करीब 5 करोड़ लीटर शराब किया जब्त, 17 लाख से अधिक लोगों को किया गिरफ्तार, जानिए शराबबंदी में कार्रवाई के आंकड़े
Bihar News: राज्य में शराबबंदी कानून के सख्त अनुपालन को लेकर मद्यनिषेध,उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार,अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और सेवन के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों से व्यापक कार्रवाई हुई है।
Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। विभाग और पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, तस्करी, बिक्री और सेवन के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 84 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 67 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट शामिल हैं। सभी चेक पोस्ट सीसीटीवी से लैस हैं और 24 घंटे संचालित हो रहे हैं। यहां हैंड हेल्ड स्कैनर से वाहनों की जांच की जा रही है। इसके अलावा 80 उत्पाद थाने भी सक्रिय हैं। जहां ड्रोन, मोटर बोट, स्निफर डॉग, ब्रेथ एनालाइजर जैसे आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
10 साल में 11.37 लाख केस, 17 लाख से अधिक गिरफ्तारियां
1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 के बीच शराबबंदी से जुड़े कुल 11,37,731 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 5,60,639 केस उत्पाद विभाग और 5,77,092 केस पुलिस द्वारा दर्ज किए गए। इस अवधि में कुल 17,18,058 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उक्त अवधि में 2.42 करोड़ लीटर देशी और 2.40 करोड़ लीटर विदेशी शराब समेत कुल 4.83 करोड़ लीटर शराब बरामद की गई है। इनमें से करीब 98% यानी 4.73 करोड़ लीटर शराब का विनष्टीकरण भी किया जा चुका है।
ड्रोन और मोटर बोट से छापेमारी तेज
जनवरी 2022 से मार्च 2026 तक ड्रोन के जरिए 1.64 लाख से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें 8834 केस दर्ज और 5090 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं मोटर बोट के माध्यम से जलमार्ग और दियारा क्षेत्रों में 80 हजार से अधिक छापेमारी कर 16 लाख लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई। जनवरी 2023 से मार्च 2026 के बीच चेक पोस्टों पर 1.78 लाख मामले दर्ज हुए और 2.92 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 12,391 वाहन जब्त किए गए।
वाहन नीलामी से 357 करोड़ की वसूली
शराबबंदी मामलों में 1.67 लाख से अधिक वाहन जब्त किए गए, जिनमें से 80,207 वाहनों की नीलामी कर करीब 357.21 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। वहीं 25,232 वाहनों को जुर्माना लेकर छोड़ा गया, जिससे 101.24 करोड़ रुपये मिले। विशेष उत्पाद न्यायालयों में दर्ज मामलों में से अब तक 50% मामलों का निष्पादन हो चुका है। इनमें 99% मामलों में दोषियों को सजा सुनाई गई है।
नीरा संवर्धन योजना को बढ़ावा
सरकार की ‘मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना’ के तहत ताड़ी के विकल्प के रूप में नीरा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 2025 के ताड़ सीजन में 2.02 करोड़ लीटर नीरा का उत्पादन और लगभग 2 करोड़ लीटर की बिक्री दर्ज की गई। इस योजना से 9,142 टैपर और 9,712 पेड़ मालिक जुड़े हैं। ‘सतत जीविकोपार्जन योजना’ के तहत शराब और ताड़ी से जुड़े 45,994 परिवारों को वैकल्पिक रोजगार से जोड़ा गया है। इन परिवारों को 195.50 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। विभाग का दावा है कि आधुनिक तकनीक, सख्त निगरानी और लगातार छापेमारी से राज्य में शराबबंदी कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
पटना से नरोत्तम की रिपोर्ट