Bihar Crime News:बेऊर जेल में शारीरिक शोषण और वसूली!अधीक्षक समेत 7 अधिकारी सस्पेंड,सहायक कारा महानिरीक्षक राजीव कुमार को बेऊर जेल का प्रभारी अधीक्षक नियुक्त , जांच तेज,अभी और पर गिरेगी गाज?
Bihar Crime News:बिहार की सबसे बड़ी और संवेदनशील जेलों में शुमार आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, बंदियों के शारीरिक-मानसिक शोषण और जेल प्रशासन की गंभीर अनियमितताओं को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है।...
Bihar Crime News:बिहार की सबसे बड़ी और संवेदनशील जेलों में शुमार आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, बंदियों के शारीरिक-मानसिक शोषण और जेल प्रशासन की गंभीर अनियमितताओं को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक, चार सहायक अधीक्षकों और एक उच्च कक्षपाल सहित कुल सात अधिकारियों-कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद जेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
निलंबित अधिकारियों में जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा, उपाधीक्षक अजय कुमार, सहायक अधीक्षक शालिनी, कुंदन कुमारी, मनीष कुमार ठाकुर, अभिषेक कुमार तथा उच्च कक्षपाल संजीव कुमार ठाकुर शामिल हैं। विभागीय आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों को अलग-अलग जेलों में संबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पूर्व सहयोग पोर्टल पर बंदियों और कैदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचने के बाद गृह विभाग ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद गृह सचिव और जेल आईजी के निर्देश पर कारा मुख्यालय तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने करीब आठ घंटे तक बेऊर जेल में व्यापक छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया।
जांच के दौरान सामने आए आरोप बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल के भीतर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि एक संगठित व्यवस्था का रूप ले चुका था। आरोप है कि कुछ कुख्यात बंदियों के माध्यम से युवा कैदियों का शारीरिक और मानसिक शोषण कराया जाता था। इसके अलावा बंदियों से अवैध वसूली कर निजी मेस संचालित किए जाने का भी खुलासा हुआ है। शिकायतों के अनुसार जेल में निर्धारित भोजन व्यवस्था के समानांतर अलग से खाने-पीने की सामग्री बेची जाती थी। सरसों तेल 400 रुपये प्रति लीटर तक और सब्जियां 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक बेचे जाने के आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने वाले बंदियों को कथित तौर पर दंडस्वरूप सेल में बंद कर दिया जाता था। जेल नियमों के विपरीत हीटर पर खाना बनाने की छूट देने के आरोप भी जांच रिपोर्ट में दर्ज किए गए हैं।
उच्च कक्षपाल संजीव कुमार ठाकुर पर भी अधीक्षक के साथ मिलकर कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क को संचालित करने का आरोप लगा है। इसी आधार पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। हालांकि निलंबित जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। फिलहाल सहायक कारा महानिरीक्षक राजीव कुमार को बेऊर जेल का प्रभारी अधीक्षक नियुक्त कर दिया गया है और उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है। अब विभागीय जांच की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के जाल में और कौन-कौन शामिल था। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी कड़ी अनुशासनात्मक तथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।