Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासी-सामाजिक उबाल, बिलौटी में महापंचायत, न्याय की जंग ने लिया जनआंदोलन का रूप
Bharat Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब महज एक कानूनी विवाद का स्वरूप नहीं रखा, बल्कि यह पूरा प्रकरण सियासी, सामाजिक और जनआक्रोश की लहर में तब्दील होता नजर आ रहा है।
Bharat Tiwari Encounter:आरा के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब महज एक कानूनी विवाद का स्वरूप नहीं रखा, बल्कि यह पूरा प्रकरण सियासी, सामाजिक और जनआक्रोश की लहर में तब्दील होता नजर आ रहा है। न्याय की मांग को लेकर आज गांव में बुलाई गई सर्व समाज महापंचायत ने पूरे इलाके का माहौल गरमा दिया है।
महापंचायत का आयोजन बिलौटी स्थित प्राचीन कुंडवा शिव मंदिर परिसर में किया गया है, जहां दोपहर 12 बजे से विशाल जनसभा की शुरुआत प्रस्तावित है। आयोजकों का दावा है कि बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से लोग इस पंचायत में शिरकत करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि भीड़ लाखों तक पहुंच सकती है, हालांकि प्रशासन ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं बताया जा रहा, बल्कि इसे “इंसाफ और सामाजिक एकजुटता” की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। गांव-गांव संपर्क अभियान, सोशल मीडिया प्रचार और जनसंपर्क के जरिए व्यापक स्तर पर लोगों को आमंत्रित किया गया है।
इसी बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। महापंचायत से पहले भरत तिवारी के परिजन बिहटा स्थित जन सुराज के बिहार नवनिर्माण आश्रम पहुंचे और प्रशांत किशोर से मुलाकात की। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई। प्रशांत किशोर ने उन्हें कानूनी और सामाजिक स्तर पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और महापंचायत में शामिल होने का निमंत्रण भी स्वीकार किया गया।
आयोजन समिति के सदस्य पंकज त्रिपाठी के अनुसार, कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पेयजल, भोजन, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आने वाली भीड़ को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अब पूरा क्षेत्र इस महापंचायत की ओर टकटकी लगाए बैठा है कि यहां से निकलने वाली आवाजें और प्रस्ताव इस बहुचर्चित मामले को किस दिशा में ले जाएंगी सरकारी प्रक्रिया की मजबूती की ओर या फिर एक और बड़े जनआंदोलन की राह की तरफ।
रिपोर्ट- आशीष कुमार