सासाराम में रामनवमी की भव्य शोभा यात्रा: महिलाओं ने दिखाई तलवारबाजी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बिहार के सासाराम (रोहतास) में रामनवमी पर विशाल जुलूस निकाला गया। शिव घाट से शुरू हुई यात्रा में महिला मंडली का शक्ति प्रदर्शन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में रही।

सासाराम में रामनवमी की भव्य शोभा यात्रा: महिलाओं ने दिखाई तल

Sasaram - सासाराम में रामनवमी के अवसर पर भक्ति और शक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। नगर पूजा समिति के तत्वाधान में निकाली गई इस विशाल शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा शहर 'जय श्री राम' के नारों से गुंजायमान हो गया।

सासाराम में रामनवमी की धूम: शिव घाट से निकली भव्य शोभा यात्रा

सासाराम के शिव घाट से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर विशाल जुलूस का आगाज हुआ। नगर पूजा समिति के अध्यक्ष डॉ. शिवनाथ चौधरी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस साल भी माँ ताराचंडी की धरती पर यह भव्य और दिव्य शोभा यात्रा निकाली जा रही है। जुलूस में भगवान राम और हनुमान की विशाल प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्हें देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

महिला मंडली का 'शक्ति प्रदर्शन': तलवारबाजी और भगवा पगड़ी

इस वर्ष की शोभा यात्रा में सबसे अनुपम दृश्य महिला मंडली का रहा। सिर पर भगवा पगड़ी बांधे और हाथों में तलवार लिए महिलाओं ने वीरता का प्रदर्शन किया। यह दृश्य न केवल भक्ति बल्कि नारी शक्ति का भी प्रतीक बना। महिलाओं के इस उत्साह ने पूरे जुलूस में एक नई ऊर्जा भर दी और यह आयोजन पूरे नगर भ्रमण के दौरान आकर्षण का केंद्र बना रहा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: दो साल पुराने उपद्रव के बाद प्रशासन अलर्ट

सासाराम में रामनवमी का इतिहास काफी भव्य रहा है, लेकिन दो साल पहले हुए उपद्रव की कड़वी यादों को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पल-पल की निगरानी की जा रही है ताकि जुलूस बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

सामाजिक सौहार्द का संदेश और 'मर्यादा' की अपील

पूजा समिति के अध्यक्ष ने सभी नगर वासियों से अपील की कि वे किसी भी धर्म या जाति के हों, भगवान राम के आदर्शों को अपनाते हुए 'मर्यादा' में रहकर इस उत्सव को मनाएं। उन्होंने सभी जिला वासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश दिया। जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों द्वारा कलाबाजी और पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन भी किया गया।

भक्ति में डूबा रोहतास: चप्पे-चप्पे पर पहरा

जुलूस जिस मार्ग से भी गुजरा, वहां स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शरबत और पानी की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की सतर्कता का आलम यह था कि संवेदनशील इलाकों में विशेष बैरिकेडिंग की गई थी और वरीय अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लेते दिखे।