Bihar News : मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में रामनवमी पर दिखा भक्ति का अनूठा संगम, राम-विवाह कीर्तन में झूमे श्रद्धालु

Bihar News : रामनवमी के मौके पर मुजफ्फरपुर के कुढनी में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला. जहाँ राम-विवाह कीर्तन में श्रद्धालु झूम उठे.........पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में रामनवमी पर दिखा भक्ति
राम-विवाह कीर्तन में झूमे श्रद्धालु- फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : जिले के कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत धर्मोदय नगर माधोपुर में रामनवमी का पर्व बेहद खास और भक्तिमय अंदाज में मनाया गया। जहाँ एक ओर पूरे देश में शोभा यात्राओं की धूम रही, वहीं माधोपुर में 'विवाह कीर्तन' के आयोजन ने श्रद्धा की एक अलग ही मिसाल पेश की। इस विशेष अवसर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के 'विवाह उत्सव' का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।

इस धार्मिक अनुष्ठान की सबसे खास बात इसमें महिलाओं की भारी भागीदारी रही। राम-विवाह के इस पावन प्रसंग में सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक गीतों और मंगल गान के साथ अपनी सहभागिता निभाई। आयोजन स्थल पर भगवान राम और माता सीता के विवाह के दृश्यों को कीर्तन के माध्यम से जीवंत किया गया, जिसे देखने और सुनने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। विवाह कीर्तन के दौरान आमंत्रित गायकों ने अपनी मधुर आवाज और भक्तिपूर्ण भजनों से समां बांध दिया। गायकों द्वारा प्रस्तुत किए गए राम-विवाह के प्रसंगों और सोहर-बधाई गीतों पर भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमते नजर आए। वातावरण में गूंजते ढोल-मंजीरों की थाप और "जय श्री राम" के नारों ने धर्मोदय नगर को पूरी तरह राममय बना दिया।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रामनवमी पर शोभा यात्रा तो हर साल निकलती है, लेकिन इस बार विवाह कीर्तन के माध्यम से प्रभु के पारिवारिक स्वरूप की पूजा का अनुभव अद्भुत रहा। महिलाओं ने पूरी रात कीर्तन और पूजन में बिताई, जिससे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ना है।

देर शाम तक चले इस भव्य आयोजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कुढ़नी प्रखंड में भक्ति की यह अनोखी तस्वीर न केवल श्रद्धा का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सामूहिक भागीदारी की एक सुंदर झलक भी पेश कर गई। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव का समापन हो सके। 

मणिभूषण की रिपोर्ट