पीएम मोदी के जन्मदिन पर संजय झा ने दी बधाई, जदयू MLA और MLC को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
संजय झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में देश के लिए जिस तरह काम किया है, वह अपने आप में बेहद उल्लेखनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
Bihar News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने गरुवार को उन्हें बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और देश के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए इसे अद्भुत बताया। संजय झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में देश के लिए जिस तरह काम किया है, वह अपने आप में बेहद उल्लेखनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
विधायकों और विधान पार्षदों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
जदयू के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की होने वाली बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय झा ने पार्टी की नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब राजनीति का तरीका बदल गया है। लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा कि यह लाठी में तेल लगाने वाली राजनीति का दौर नहीं है, बल्कि नई तरह की राजनीति का समय है। उन्होंने बताया कि जदयू अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को प्रशिक्षित करने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों को बुला रहा है। इन विशेषज्ञों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को विधानसभा और विधान परिषद की कार्यप्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
संजय झा के मुताबिक, प्रशिक्षण के दौरान विधायकों और विधान पार्षदों को सदन में प्रभावी तरीके से सवाल पूछने, अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाने और विधानसभा एवं विधान परिषद की कार्यवाही को बेहतर ढंग से समझने की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने इस पहल को पार्टी की ओर से शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण और अच्छा कार्यक्रम बताया।
UCC पर चुपचाप निकल गए
वहीं, जब संजय झा से समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। सवाल सुनने के बाद वह चुपचाप वहां से निकल गए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से 2029 से पहले एनडीए शासित राज्यों में UCC लागू करने की बात सामने आने के बाद बिहार में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज है। जदयू ने इस संबंध में UCC के प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही है।
रंजीत की रिपोर्ट