सम्राट चौधरी का बड़ा एलान: हर पुलिस लाइन में खुलेंगे हाई स्कूल, 'पुलिस दीदी' और AI से बदलेगी बिहार पुलिस की सूरत
बिहार पुलिस सप्ताह के शुभारंभ पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिसकर्मियों के लिए हाई स्कूल और महिलाओं के लिए 'पुलिस दीदी' जैसी बड़ी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बिहार को नक्सल मुक्त बताते हुए साइबर अपराध को अगली बड़ी चुनौती करार दिया।
Patna - बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने आज 'बिहार पुलिस सप्ताह' का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में बेहतर पुलिसिंग, तकनीकी विकास और पुलिसकर्मियों के कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पुलिस को हर संभव सुविधाएं और आधुनिक तकनीक मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बिहार पुलिस सप्ताह: सेवा और समर्पण का पर्व
सम्राट चौधरी ने कहा कि आज से शुरू हुआ पुलिस सप्ताह पूरे बिहार के लिए हर्ष का विषय है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान राज्य भर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित रखने की मुख्य जिम्मेदारी पुलिसकर्मियों के कंधों पर है और वे इसे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
'पुलिस दीदी' और AI से होगी स्मार्ट पुलिसिंग
बेहतर पुलिसिंग के लिए सरकार अब आधुनिक तकनीक और नए मॉडल्स पर काम कर रही है। गृह मंत्री ने बताया कि अब बिहार पुलिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहयोग लिया जा रहा है ताकि अपराध नियंत्रण और अनुसंधान को और अधिक सटीक बनाया जा सके। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 'पुलिस दीदी' की पहल शुरू की जा रही है, जो महिला सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए हाई स्कूल और बेहतर सुविधाएं
सम्राट चौधरी ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं और उनके बच्चों के भविष्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने घोषणा की कि राज्य की प्रत्येक पुलिस लाइन में हाई स्कूल खोले जाएंगे ताकि पुलिसकर्मियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साथ ही, पुलिस लाइनों में 'जीविका दीदी की रसोई' की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने लंबित पुलिस लाइन निर्माण कार्यों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
नक्सल मुक्त बिहार और साइबर क्राइम की चुनौती
गृह मंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि अब बिहार का कोई भी जिला नक्सल प्रभावित नहीं रह गया है। हालांकि, उन्होंने साइबर क्राइम को एक नई और बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार पुलिस की साइबर यूनिट जल्द ही बेहतर परिणाम देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे देश के अन्य राज्यों में जाकर साइबर अनुसंधान से जुड़ी नई तकनीक और प्रशिक्षण लेकर आएं ताकि अपराधियों से दो कदम आगे रहा जा सके।
खिलाड़ियों को नौकरी और मनोबल बढ़ाने पर जोर
खेल और पुलिसिंग के समन्वय पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के बेहतर खिलाड़ियों को पुलिस में नौकरी दी गई है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने पुलिस बल से अपील की कि वे इसी ऊर्जा और लगन के साथ जनता की सेवा में डटे रहें। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के तबादलों और अन्य आवेदनों पर भी सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जा रहा है ताकि उनके पारिवारिक जीवन और बच्चों के भविष्य में संतुलन बना रहे।
Report * anil kumar