जमुई कांड: लड़की को बचाने के लिए हैवानों से जूझने वाले लड़के की हिम्मत को सलाम, डरकर भागता तो कुछ भी हो सकता था!
जमुई कांड: जमुई में दरिंदगी के बीच निडर किशोर मिसाल बना है. हैवानों से लोहा लेने पर सोशल मीडिया पर उसकी तारीफों की बौछार हो रही है....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार के जमुई में हुए चर्चित और भयावह कांड को लेकर एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में सियासी भूचाल मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीँ एक और आरोपी हरेराम यादव गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। घायल आरोपी का इलाज पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में चल रहा है।
कानूनी और पुलिसिया कार्रवाई के बीच इस वक्त सोशल मीडिया पर उस जांबाज किशोर की जमकर सराहना हो रही है। जो घटना के वक्त पीड़िता की मदद के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना दरिंदों से अकेले लड़ता रहा। वह मनचलों और हैवानों से लगातार जूझता रहा ताकि लड़की को बचाया जा सके। वह लड़की के साथ घूमकर लौट रहा था। दोनों दोस्त थे। उन्हें क्या पता था की आगे उनके साथ क्या होनेवाला है। लेकिन जो उन दोनों के सामने सामने हुआ। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। किशोर नाबालिग होते हुए भी जूझता रहा है।
नेटिजन्स और आम लोग सोशल मीडिया पर उस किशोर की हिम्मत और बहादुरी को नमन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वह किशोर उस वक्त डरकर भाग जाता, तो पीड़िता के साथ कोई और बड़ी अनहोनी या बेहद अनर्थ हो सकता था। अपनी जान जोखिम में डालकर लड़की की सुरक्षा के लिए खड़े रहने वाले इस युवक की हर तरफ खूब तारीफ हो रही है और उसे सच्चा हीरो बताया जा रहा है।
जमुई की इस घटना ने एक तरफ जहां दरिंदगी और अपराधियों के दुस्साहस को उजागर किया है, वहीं इस निडर किशोर के कदम ने इंसानियत और बहादुरी की एक बड़ी मिसाल पेश की है। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए नाबालिगों और मुख्य आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है, ताकि मामले में कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।