Bihar MLC Election: राजद से राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई बनेंगे एमएलसी! तेजस्वी ने जताया भरोसा! विधान परिषद चुनाव में सुनील सिंह की एंट्री तय
Bihar MLC Election: राजद सूत्रों का दावा है कि तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने भरोसेमंद और पुराने सहयोगी सुनील कुमार सिंह पर दांव खेलने का फैसला किया है।
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के खेमे से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह को राजद विधान परिषद भेजने की तैयारी में है। इसका आधिकारिक घोषणा आज शाम तक या कल हो सकती है
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव इन दिनों सिंगापुर में हैं, जबकि पटना में पार्टी की कमान राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव संभाल रहे हैं। ऐसे में विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर लगातार मंथन का दौर चल रहा था। हालांकि नामांकन प्रक्रिया शुरू हुए कई दिन गुजर जाने के बावजूद राजद ने अपने उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी, जिससे राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म था।
अब पार्टी सूत्रों का दावा है कि तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने भरोसेमंद और पुराने सहयोगी सुनील कुमार सिंह पर दांव खेलने का फैसला किया है। सुनील सिंह लंबे समय तक विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें राबड़ी देवी के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, राजद नेता भोला यादव ने भी इस सिलसिले में वरिष्ठ नेता आईपी गुप्ता से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि नामांकन प्रक्रिया में आईपी गुप्ता प्रस्तावक की भूमिका निभा सकते हैं। इससे यह संकेत और मजबूत हो गया है कि सुनील सिंह की उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही है।
बता दें कि बिहार विधानसभा कोटे से विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव 18 जून को होना है। जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें राजद के सुनील सिंह और मोहम्मद फारूक समेत कांग्रेस के समीर कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से राजद को केवल एक सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने इस एकमात्र सीट पर ऐसे चेहरे को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जो संगठन, नेतृत्व और सामाजिक समीकरण तीनों मोर्चों पर मजबूत पकड़ रखता हो। अब सबकी निगाहें राजद की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। यदि सुनील कुमार सिंह के नाम पर मुहर लगती है, तो इसे राबड़ी-तेजस्वी की रणनीतिक पसंद और संगठन के पुराने सिपाहियों को दिया गया बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा।
पटना से रंजीत कुमार की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट