Bihar News: बिहार में राजस्व सेवा ठप! अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर गए अंचलाधिकारी, आम लोगों की बढ़ी परेशानी

Bihar News: बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के तमाम कोशिशों के बाद भी राजस्वकर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है। इसी बीच राजस्व कर्मचारियों के बाद अब अंचलाधिकारी भी अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले गए हैं।

विजय सिन्हा
कर्मचारी अधिकारी दोनों हड़ताल पर - फोटो : social media

Bihar News: बिहार में राजस्व प्रशासन से जुड़ी सेवाएं सोमवार से बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। बिहार राजस्व सेवा संघ और बिरसा यूनाइटेड के आह्वान पर राज्य के सभी अंचलाधिकारी (CO) अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकार डीसीएलआर पद पर तैनाती को लेकर लगातार वादाखिलाफी कर रही है और पटना हाई कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया जा रहा है। इसके विरोध में उन्होंने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है।

DCLR पद पर तैनाती को लेकर नाराजगी

अंचलाधिकारियों की हड़ताल का मुख्य कारण डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) पद पर तैनाती का मुद्दा है। राजस्व सेवा संघ का आरोप है कि सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है और लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संघ का कहना है कि पटना हाईकोर्ट ने भी राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर पद पर तैनात करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पहले से हड़ताल पर हैं राजस्व कर्मचारी

राज्य में राजस्व प्रशासन पहले से ही दबाव में था, क्योंकि पिछले 17 दिनों से राजस्व कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी प्रोन्नति, स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों समेत अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। अब अधिकारियों और कर्मचारियों दोनों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने से अंचल कार्यालयों में पूरी तरह सन्नाटा छा गया है।

जमीन से जुड़े काम ठप

इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वे और चकबंदी कार्यक्रम पर पड़ा है। ये दोनों परियोजनाएं किसानों और जमीन मालिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। अंचल कार्यालयों में काम बंद होने से दाखिल-खारिज, जाति और आय प्रमाण पत्र जारी करने जैसे कई जरूरी काम भी प्रभावित हो गए हैं। इसके साथ ही जमीन विवादों के निपटारे और राजस्व वसूली जैसे कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में आने वाले दिनों में आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, यदि जल्द ही सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई समाधान नहीं निकलता।