Bihar Land Registry: पटना के इन इलाकों में अब नहीं बिकेगी जमीन! सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, 7 टाउनशिप क्षेत्रों में रजिस्ट्री पर रोक
Bihar Land Registry: पटना सहित इन जिलों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लग गई है। सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 7 टाउनशिप क्षेत्रों में अब रजिस्ट्री नहीं करा पाएंगे।
Bihar Land Registry: पटना के 7 टाउनशिप क्षेत्रों में सम्राट सरकार ने जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। इन इलाकों में अब जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी। सरकार के 11 नए आधुनिक शहर बसाने की तैयारी तेज हो गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 22 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के शहरी विकास को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। राज्य में 11 नए आधुनिक सेटेलाइट टाउनशिप बसाए जाएंगे। जिनका नामकरण प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के आधार पर किया जाएगा।
दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर होगा विकसित
इन टाउनशिप को दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जहां सुनियोजित कॉलोनियां, चौड़ी सड़कें, निर्धारित बाजार क्षेत्र और हरियाली से भरपूर पार्क बनाए जाएंगे। नगर विकास विभाग इन सभी स्थानों के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करेगा। जिसमें कोर एरिया, स्पेशल एरिया और लैंड यूज तय किए जाएंगे। सरकार का यह कदम मास्टर प्लान 2031 के तहत उठाया गया है। इसके अंतर्गत जोनल प्लान तैयार कर क्षेत्रों को आवासीय, व्यावसायिक, हरित और अन्य श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा।
पटना के पास सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
पटना जिले के पुनपुन इलाके में ‘पाटलिपुत्र’ नाम से एक विशाल टाउनशिप विकसित की जाएगी। यह करीब 81 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली होगी और 275 राजस्व गांवों को कवर करेगी। इसका कोर एरिया लगभग 1010 एकड़ और स्पेशल एरिया 81,730 एकड़ तय किया गया है। यह क्षेत्र पटना जंक्शन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा।

7 टाउनशिप क्षेत्रों में तत्काल रोक लागू
नगर विकास विभाग ने मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया के तहत पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में प्रस्तावित 7 टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा, ताकि अनियोजित निर्माण को रोका जा सके।
सोनपुर और गया में भी बड़े प्रोजेक्ट
सारण जिले के सोनपुर में बनने वाली टाउनशिप सोनपुर, दरियापुर, परसा और दिघवारा प्रखंडों में फैलेगी। इसका कोर एरिया 2000 एकड़ और स्पेशल एरिया करीब 33 हजार एकड़ होगा। वहीं गया में ‘मगध टाउनशिप’ बोधगया, गया टाउन और परैया प्रखंडों में विकसित की जाएगी, जिसका कोर एरिया 1629 एकड़ और स्पेशल एरिया 22,200 एकड़ निर्धारित किया गया है।
सेटेलाइट टाउनशिप से होंगे कई फायदे
इन योजनाबद्ध शहरों के निर्माण से राज्य में नए आर्थिक केंद्र विकसित होंगे, जिससे रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही बड़े शहरों पर आबादी का दबाव कम होगा और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी। सेटेलाइट टाउनशिप बड़े शहरों के आसपास बसाए जाने वाले प्लांड शहर जैसे नवी मुंबई होते हैं। यहां चौड़ी सड़कें, सुव्यवस्थित सेक्टर, हरित क्षेत्र और बेहतर कनेक्टिविटी होती है। बिहार में बनने वाली टाउनशिप भी इसी मॉडल पर विकसित की जाएंगी।