पटना के होटल में तमिलनाडु पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: करोड़ों की ठगी के 3 मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 2020 से था पुलिस को तलाश
मिलनाडु की CBCID (उत्तर) ने वर्ष 2020 से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है । गुप्त सूचना के आधार पर पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के एक होटल में की गई छापेमारी में इस मामले के तीन नामजद आरोपियों को दबोच लि
Patna - राजधानी पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तमिलनाडु पुलिस की 6 सदस्यीय टीम स्थानीय पुलिस के साथ एक होटल में छापेमारी करने पहुंची। यह कार्रवाई तमिलनाडु से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर की गई थी। इस संयुक्त ऑपरेशन के दौरान धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में नामजद तीन प्रमुख आरोपियों को रंगे हाथ धर दबोचा गया।
कृष्णागिरी में दर्ज हुआ था ठगी का मामला
यह पूरी कार्रवाई तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में दर्ज एक बड़े धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी है। इस मामले की जांच CBCID (उत्तर) कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2020 में फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर एक सुनियोजित तरीके से जालसाजी की घटना को अंजाम दिया था। इस संबंध में CBCID कृष्णागिरी थाना में FIR संख्या 1/2026 दर्ज की गई है।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
होटल में की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सोनू कुमार, आशीष कुमार और गोपाल शेखर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस पूरे घोटाले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तार किए गए इन तीनों आरोपियों पर फर्जीवाड़ा कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप है।
IPC की इन संगीन धाराओं में केस दर्ज

कोयंबटूर निवासी अधिवक्ता श्री थिरुमूर्ति की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 468 व 471 (फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना), 170 और 419 शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह अपराध 14 सितंबर 2020 को घटित हुआ था।
जालसाजी के नेटवर्क में शामिल हैं 11 लोग
जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक संगठित गिरोह है जिसमें कुल 11 नामजद आरोपी शामिल हैं। इनमें सोनू, आशीष और गोपाल के अलावा सेंथिल कुमार, जॉर्ज थॉमस, गुलशन दर्ड, विष्णुसंथ, ईश्वर पाठक, धनंजयन, श्रीनिवासन और संथियाकुमार के नाम भी FIR में दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
न्यायालय में पेशी और आगे की कार्रवाई
पटना पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को तमिलनाडु पुलिस अब स्थानीय न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का लक्ष्य इन आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड हासिल करना है, ताकि उन्हें तमिलनाडु ले जाकर मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इस गिरफ्तारी को तमिलनाडु CBCID की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
रिपोर्ट - अनिल कुमार