खनन विभाग ने 16 गाड़ियों पर ठोका 1.4 करोड़ का जुर्माना, वाहन मालिकों ने लगाया जबरन जब्ती का आरोप

नवादा में खनन विभाग ने 16 वाहनों पर 1.4 करोड़ का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई के बाद वाहन मालिकों ने प्रशासन पर झारखंड की सीमा से जबरन गाड़ियां उठाने और वैध दस्तावेजों के बावजूद परेशान करने का आरोप लगाया है।

खनन विभाग ने 16 गाड़ियों पर ठोका 1.4 करोड़ का जुर्माना, वाहन म

Nawada - : बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला खनन पदाधिकारी अमन प्रत्यय के नेतृत्व में कुल 16 वाहनों को जब्त किया गया है, जिन पर विभाग ने एक करोड़ चालीस लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। 

अवैध परिचालन के संदेह में FIR दर्ज

खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों को अवैध परिचालन और नियमों के उल्लंघन के संदेह में पकड़ा गया है। इस मामले में रजौली थाने में कांड संख्या 76/26 के तहत आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की गई है। खनन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विभाग अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। 

वाहन मालिकों का 'अपहरण' जैसा आरोप

दूसरी ओर, इस कार्रवाई ने तब मोड़ ले लिया जब वाहन मालिकों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। मालिकों का दावा है कि शनिवार रात उनकी गाड़ियां झारखंड के डोमचांच से वैध गिट्टी और चालान के साथ आ रही थीं। उनका आरोप है कि जब चालक कोडरमा के मेघातरी के पास भोजन कर रहे थे, तभी अधिकारियों ने झारखंड की सीमा से गाड़ियों के लॉक तोड़कर उन्हें जबरन बिहार के रजौली जाँच चौकी पहुंचा दिया। 

दस्तावेजों की वैधता पर सवाल

वाहन मालिकों का तर्क है कि उनके पास परिवहन के लिए सभी वैध कागजात मौजूद थे, इसके बावजूद चालकों को हिरासत में लिया गया और करीब 24 घंटे बाद सोमवार को यह कानूनी कार्रवाई की गई। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को अवैध बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है। 

जांच के बाद जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

खनन पदाधिकारी अमन प्रत्यय ने कहा है कि यदि वाहन मालिक निर्दोष हैं, तो उन्हें लिखित रूप में अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। विभाग इन दावों की गहन जांच करेगा और विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। यदि जांच में वाहन मालिकों के दावे सही पाए जाते हैं, तो उन्हें नियमानुसार राहत दी जाएगी, अन्यथा जुर्माना वसूला जाएगा। 

प्रशासनिक और कानूनी पेच में फंसा मामला

फिलहाल यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक दावों और वाहन मालिकों के आरोपों के बीच उलझ गया है। झारखंड की सीमा से वाहनों को उठाने के आरोपों ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी निगाहें जिलाधिकारी की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि यह कार्रवाई नियमों के तहत थी या अधिकारों का उल्लंघन।

रिपोर्ट - अमन सिन्हा