निवेश पर दोगुना मुनाफा का लालच देकर करोड़ों की ठगी! पटना के राजीवनगर से पकड़ा गया शातिर साइबर ठग राहुल
Patna Cyber Fraud: ऑनलाइन निवेश के नाम पर ₹2.67 करोड़ की ठगी करने वाला नीलमणि उर्फ राहुल पटना के राजीवनगर से गिरफ्तार। बिहार STF और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता।ज्यादा मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था।
पटना के राजीवनगर थाना क्षेत्र से 2.67 करोड़ रुपये की बड़ी ऑनलाइन निवेश ठगी के आरोपी नीलमणि उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था और वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चंद्र बिहार कॉलोनी (नेपाली नगर) में त्वरित छापेमारी कर उसे धर दबोचा।
बिहार STF, पटना पुलिस और बंगाल पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी में बिहार एसटीएफ की विशेष टीम, पटना जिला पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस ने मिलकर काम किया। गिरफ्तार आरोपी नीलमणि मूल रूप से वैशाली जिले के एराजी शाहबाजपुर (थाना सदर) का रहने वाला है, जो वर्तमान में पहचान छिपाकर पटना में रह रहा था। संयुक्त टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
हावड़ा साइबर थाने में दर्ज था करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पश्चिम बंगाल के हावड़ा साइबर थाने में कांड संख्या 18/24 (दिनांक 14 जून 2024) दर्ज है। उस पर भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 465, 468, 471, 406, 419, 420 और 120बी के तहत धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश के संगीन आरोप दर्ज हैं।
फाइनेंशियल एडवाइजर बनकर देता था ज्यादा मुनाफे का झांसा
प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुद को बड़ा वित्तीय सलाहकार (फाइनेंशियल एडवाइजर) बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह ऑनलाइन निवेश करने पर कई गुना अधिक लाभ और रिटर्न देने का लालच देता था। जैसे ही लोग उसके झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करते, वह करोड़ों की रकम लेकर फरार हो जाता था।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अंतरराष्ट्रीय/अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह में और कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं। साथ ही ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी बैंक खातों और तकनीकी माध्यमों की भी गहन जांच की जा रही है।