मनेर के डुमरिया में दबंगई: 4 हजार लोगों का रास्ता बांस से घेरा, PCC सड़क बंद होने से बढ़ा तनाव
पटना के मनेर नगर परिषद अंतर्गत डुमरिया गांव में दशकों पुरानी सार्वजनिक PCC सड़क को निजी बताकर बांस से घेर दिया गया है। इससे करीब 4 हजार लोगों का आवागमन बंद हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पटना जिले के मनेर नगर परिषद अंतर्गत वार्ड संख्या 2 स्थित डुमरिया गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दशकों से चालू सार्वजनिक पक्की (PCC) सड़क को अपनी निजी जमीन बताते हुए गांव के ही एक व्यक्ति ने बांस-बल्ला लगाकर घेर दिया है। डुमरिया को मनेर से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के अचानक बंद हो जाने से गांव के करीब चार हजार से अधिक लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया है। इस कार्रवाई के बाद से गांव में आपसी तनाव का माहौल व्याप्त है।
वाहनों की आवाजाही ठप्प, गलियों के सहारे पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण
रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। दोपहिया और चार पहिया वाहनों का गांव में प्रवेश बंद हो चुका है और लोगों को गाड़ियां बाहर ही खड़ी कर पैदल प्रवेश करना पड़ रहा है। ग्रामीण विनय राय, देवा राय और अशोक राय का कहना है कि मंजय यादव नामक व्यक्ति ने तीन दिनों से मुख्य मार्ग को घेर रखा है। इसके चलते ग्रामीण गांव की संकरी गलियों से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क का निर्माण वर्षों पहले जनप्रतिनिधियों के कोष से हुआ था, फिर भी स्थानीय पुलिस व प्रशासन रास्ते को खुलवाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है।
आपसी रंजिश और जमीन के विवाद में उलझा सड़क बंद करने का मामला
सड़क बंद करने के पीछे ग्रामीणों की आपसी रंजिश और जमीन का विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है। आरोपी मंजय यादव और खीरा देवी का तर्क है कि गांव के दूसरे टोले में उनका निजी मकान है, जहां के लोगों ने उनकी निजी जमीन बताकर उनका रास्ता रोक दिया है। उसी के जवाब में उन्होंने अपनी निजी जमीन पर वर्षों से दी गई सड़क को बंद किया है। वहीं पूर्व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ललन राय के अनुसार, PCC सड़क सार्वजनिक है, लेकिन सड़क केवल एक ही व्यक्ति की रैयती जमीन में बनी हुई है और सामने वाले पक्ष के जमीन न देने के कारण यह विवाद खड़ा हुआ है। इस बंद रास्ते से आनंदपुर और डुमरिया के लगभग 10 हजार लोग प्रभावित हैं।
मीडिया के जरिए पुलिस को मिली सूचना, जांच के बाद होगी कार्रवाई
तीन दिनों से रास्ता बंद रहने और ग्रामीणों की बढ़ती परेशानियों के बीच पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे थे। मामले की जानकारी देते हुए मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की तरफ से अब तक पुलिस को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई थी। मीडिया के माध्यम से ही आज इस मामले की जानकारी मिली है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि पुलिस टीम को मौके पर भेजकर पूरे मामले की गहनता से जांच करवाई जा रही है और जल्द ही स्थिति का जायजा लेकर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।