खगौल 14.90 किलो सोना लूट कांड का मास्टरमाइंड 'हुलुकवन'को STF ने दबोचा, लाखों कैश और लैपटॉप बरामद

पटना के खगौल में हुए चर्चित 14.90 किलो सोना लूट कांड का मास्टरमाइंड बिक्रम कुमार उर्फ हुलुकवन गिरफ्तार। बिहार एसटीएफ और खगौल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3 महीने से फरार आरोपी को दबोचा गया। पूछताछ में जेल से रची गई साजिश का हुआ खुलासा।

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खगौल 14.90 किलो सोना लूट कांड का मास्टरमाइंड 'हुलुकवन'को STF ने दबोचा- फोटो : Reporter

पटना पुलिस और एसटीएफ को राजधानी के चर्चित सोना लूट कांड में एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। खगौल में हुए 14.90 किलोग्राम सोना लूट कांड के मुख्य मास्टरमाइंड बिक्रम कुमार उर्फ हुलुकवन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही लगातार कानून की नजरों से बच रहा था। पुलिस पिछले काफी समय से इस शातिर अपराधी के संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी, जिसके बाद आखिरकार इसे दबोच लिया गया। गिरफ्तार विक्रम का लम्बा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। 


एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

इस हाई-प्रोफाइल मामले में वांछित चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई थी। पिछले तीन महीने से फरार चल रहे बिक्रम कुमार को पकड़ने के लिए बिहार एसटीएफ (STF) और खगौल थाना पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस विशेष टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर जक्कनपुर के जगनपूरा इलाके से  घेराबंदी करते हुए आरोपी को धर दबोचा। इस संयुक्त कार्रवाई की सफलता से पुलिस महकमे ने बड़ी राहत की सांस ली है।


जेल से रची गई थी लूट की बड़ी साजिश

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने आरोपी बिक्रम कुमार उर्फ हुलुकवन से कड़ाई से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि इस पूरे 14.90 किलो सोना लूट कांड की स्क्रिप्ट और मुख्य साजिश जेल के भीतर ही रची गई थी। जेल में बंद कुछ अन्य अपराधियों के साथ मिलकर इस बड़ी वारदात का पूरा खाका तैयार किया गया था, जिसे बाद में बाहर आकर अंजाम दिया गया।


नकदी, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद

सफल छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और नकदी बरामद की है। तलाशी के दौरान उसके पास से ₹3.05 लाख नगद, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन के डेटा से इस गिरोह के अन्य सदस्यों, मददगारों और लूटे गए सोने के ठिकाने के बारे में कई और महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।