Patna Police: पटना में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात आरोपी की निशानदेही पर पिस्टल और कारतूस बरामद
Patna Police: पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में जांच के दौरान संदिग्ध हालत में पकड़े गए मुन्ना कुमार उर्फ भोली नट की निशानदेही पर पुलिस ने एक पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और मोबाइल बरामद किया।
Patna Police: पटना के सदर कोर्ट परिसर स्थित पीरबहोर क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति के मोबाइल फोन में पिस्टल की तस्वीर मिलने के बाद पुलिस को उस पर शक हुआ और उससे गहन पूछताछ की गई।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मुन्ना कुमार उर्फ भोली नट के रूप में हुई है। वह राजेंद्र प्रसाद नट का पुत्र है और चितकोहरा पुल के नीचे, गर्दनीबाग थाना क्षेत्र, पटना का रहने वाला है। पुलिस ने जब उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें पिस्टल की तस्वीर मिली। इसके बाद उससे लगातार पूछताछ की गई।
जानकारी के आधार पर पुलिस ने की छापेमारी
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को पीरबहोर थाना क्षेत्र के अंटा घाट में छापेमारी की। मुन्ना उर्फ भोली नट की निशानदेही पर वहां से एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में अब तक उसके तीन आपराधिक रिकॉर्ड सामने आए हैं।
कितने मामले थे शामिल?
पहला मामला पहलेजा थाना कांड संख्या 143/26, दिनांक 2 जुलाई 2026 का है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4), 281, 324(4) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a), 26 और 35 के तहत केस दर्ज है। इस मामले में आरोपी फरार चल रहा था। दूसरा मामला मेकर थाना कांड संख्या 105/23, दिनांक 13 जून 2023 का है। इसमें आईपीसी की धारा 279, 337, 338, 333, 413, 414 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a), 26 और 35 के तहत मामला दर्ज है। तीसरा मामला तुर्की थाना कांड संख्या 123/24, दिनांक 8 जुलाई 2024 का है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2), 317(5) और 111(2)(3) के तहत केस दर्ज है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाना था।
पटना से अनिल की रिपोर्ट