न्याय अब सबके लिए सुलभ : पटना हाई कोर्ट में दिव्यांगों के लिए खुला स्पेशल हेल्प डेस्क, चीफ जस्टिस ने की शुरुआत

पटना हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने दिव्यांगों के लिए समर्पित हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर बनी यह डेस्क सरकारी योजनाओं और शिकायतों के समाधान में मदद करेगी।

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Patna - पटना हाई कोर्ट परिसर में सोमवार को दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा और सहायता के लिए एक विशेष 'हेल्प डेस्क' का शुभारंभ किया गया। इस समर्पित सहायता केंद्र का उद्घाटन मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) संगम कुमार साहू द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर हाई कोर्ट के सभी माननीय न्यायाधीश, रजिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह हेल्प डेस्क दिव्यांगजनों के लिए न्याय प्रक्रिया को सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का अनुपालन

इस हेल्प डेस्क की स्थापना सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना (अध्यक्षा, जुवेनायल जस्टिस समिति) द्वारा अक्टूबर 2024 में जारी किए गए महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों के तहत की गई है। जस्टिस नागरत्ना ने देश भर के न्यायालयों में दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता और सुगमता बढ़ाने पर जोर दिया था, जिसके अनुपालन में पटना हाई कोर्ट ने इस सुविधा केंद्र को धरातल पर उतारा है। 

सरकारी योजनाओं और नीतियों की मिलेगी जानकारी

यह हेल्प डेस्क केवल एक सूचना केंद्र नहीं, बल्कि एक व्यापक 'सुविधा केंद्र' के रूप में कार्य करेगा। यहाँ आने वाले लाभार्थी दिव्यांगजन राज्य और केंद्र सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। कई बार जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित रह जाते हैं, यह डेस्क उस खाई को पाटने का काम करेगी। 

शिकायत निवारण और समस्याओं का तुरंत समाधान

राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए जारी किए गए लाभों को प्राप्त करने में आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाइयों के संबंध में भी यहाँ शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। हेल्प डेस्क न केवल शिकायतें सुनेगा, बल्कि संबंधित विभागों से समन्वय कर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण (Redressal) को भी सुनिश्चित करेगा। इससे दिव्यांगों को कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। 

न्यायिक परिसर में समावेशी वातावरण की ओर कदम

उद्घाटन समारोह के दौरान यह संदेश दिया गया कि न्यायपालिका समाज के हर वर्ग, विशेषकर शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने इस पहल को न्याय के विकेंद्रीकरण और समावेशी वातावरण की दिशा में मील का पत्थर बताया। अब हाई कोर्ट आने वाले दिव्यांगजन बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी कानूनी और कल्याणकारी जरूरतों के लिए इस डेस्क की मदद ले सकेंगे।