पटना में ई-रिक्शा हो रहे 'हैक', मोबाइल ऐप से बैटरी को किया जा रहा बंद, चलते-चलते अचानक बंद से दहशत में हजारों चालक
पटना और आसपास के इलाकों में करीब 200 से 250 ई-रिक्शा इस समस्या का सामना कर चुके हैं। शुरुआत में चालकों को लगा कि वाहन में तकनीकी खराबी है, जबकि यह एक मोबाइल ऐप से होने का दावा किया जा रहा है
E-Rickshaw Switched Off : बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के बीच एक नई तरह की परेशानी सामने आई है। सड़क पर चलते-चलते अचानक ई-रिक्शे बंद हो जा रहे हैं और चालक चाहकर भी उन्हें तुरंत दोबारा चालू नहीं कर पा रहे हैं। इस रहस्यमयी समस्या ने सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों की चिंता बढ़ा दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी वाले ई-रिक्शों को एक मोबाइल ऐप के जरिए रिमोटली नियंत्रित या बंद किया जा रहा है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पटना और आसपास के इलाकों में करीब 200 से 250 ई-रिक्शा इस समस्या का सामना कर चुके हैं। शुरुआत में चालकों को लगा कि वाहन में तकनीकी खराबी है, लेकिन जब मैकेनिकों ने जांच की तो अधिकांश मामलों में कोई यांत्रिक खराबी नहीं मिली। इसके बाद ध्यान बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की ओर गया।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से उन ई-रिक्शों में सामने आ रही है, जिनमें ब्लूटूथ आधारित लिथियम-आयन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा है। ऐसे सिस्टम को बैटरी की निगरानी और कंट्रोल के लिए बनाया गया था, लेकिन यदि उनमें पर्याप्त सुरक्षा (Authentication) नहीं हो तो कोई भी व्यक्ति नजदीक से संबंधित मोबाइल ऐप के जरिए उनसे कनेक्ट होकर वाहन को बंद कर सकता है।
मोबाइल ऐप से बंद
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कुछ लोग चलते हुए ई-रिक्शों को मोबाइल ऐप से बंद करते दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह ऐप मूल रूप से बैटरी की निगरानी और डायग्नोस्टिक्स के लिए विकसित किया गया था, लेकिन कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसे "हैकिंग" कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, बल्कि यह कमजोर सुरक्षा व्यवस्था वाले ब्लूटूथ BMS का दुरुपयोग है।
अन्य शहरों में भी परेशानी
पटना ही नहीं, बल्कि दिल्ली समेत देश के कई अन्य शहरों से भी ऐसे मामले सामने आए हैं। कई मीडिया संस्थानों ने अपने परीक्षण में पाया कि कुछ संगत (compatible) ई-रिक्शों को मोबाइल ऐप के माध्यम से बंद किया जा सकता है, जिससे सड़क सुरक्षा और चालकों की आजीविका दोनों पर खतरा पैदा हो रहा है।
ऐसे करें बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन ई-रिक्शों में पुरानी लेड-एसिड बैटरी लगी है या जिनके BMS में मजबूत सुरक्षा और पासवर्ड सुरक्षा मौजूद है, वे इस समस्या से प्रभावित नहीं हैं। फिलहाल वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बैटरी विक्रेता या अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क कर BMS का फर्मवेयर अपडेट कराएं, ब्लूटूथ एक्सेस को सुरक्षित करें और डिफॉल्ट सेटिंग्स बदलवाएं।
रोजी-रोटी पर बड़ा संकट
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उनकी रोजी-रोटी पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, तकनीकी विशेषज्ञ इस मामले में बैटरी निर्माताओं और संबंधित एजेंसियों से सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।