पटना डीएम-एसएसपी ने 22 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ का किया खुलासा, जनता से किया यह अपील
राजधानी पटना में 22 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले को लेकर डीएम-एसएसपी ने बड़ा खुलासा किया है। डीएम-एसएसपी ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के बीच असामाजिक तत्व घुसकर हिंसा किया था.....
Patna : राजधानी पटना में 22 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पटना जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। इस संबंध में पटना के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिके शर्मा ने संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और आगे की कार्रवाई से अवगत कराया।
छात्रों की भीड़ में घुस आए थे कुछ असामाजिक : एसएसपी
एसएसपी कार्तिके शर्मा ने बताया कि 22 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन में कई राज्यों से लोग शामिल होने आए थे, लेकिन इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों की भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी घुस आए थे। इन उपद्रवियों ने सुनियोजित तरीके से सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया, राहगीरों और कवरेज कर रहे पत्रकारों को चोट पहुंचाई तथा कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस के पास इन सभी हिंसात्मक गतिविधियों के पुख्ता वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
एसएसपी की जनता से अपील : छात्रों के बीच छिपे उपद्रवियों को पकड़ने में पुलिस का सहयोग करें
एसएसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें ऐसे तत्वों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस का सहयोग करें ताकि छात्रों को बदनाम करने वाले इन असामाजिक तत्वों को कानून के कटघरे में लाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों एवं प्राचार्यों से भी अपील की है कि वे छात्रों को समझाएं कि हिंसा का रास्ता कभी भी सही नहीं होता है।
बंद के दौरान हिंसा फैलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
पटना में बुलाए गए बंद को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने या हिंसा फैलाने की कोशिश की, तो उन पर बेहद सख्ती से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से डीएम की अपील : अपने बच्चों पर नजर रखें
जिलाधिकारी ने भी अभिभावकों से विशेष रूप से यह आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें किसी भी असामाजिक तत्व या राजनीतिक बहकावे में आने से बचाएं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि छात्रों की आड़ में कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अनिल की रिपोर्ट