Patna Banti Murder:शराब तस्करी की कमाई ने ली बंटी की जान,मोनी किन्नर और बीसी के सिंडिकेट का पर्दाफाश, 2 और गिरफ्तार

पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अवैध शराब के कारोबार में हिस्सेदारी के विवाद में अपहरण कर हत्या की गई थी। पुलिस ने 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानिए इस मर्डर मिस्ट्री की पूरी कहानी।

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पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का खुलासा, अवैध शराब के धंधे में हिस्सेदारी विवाद बना हत्या- फोटो : Reporter

पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का पटना पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए होने वाले अवैध शराब के काले कारोबार की कमाई में हिस्सेदारी को लेकर यह पूरी वारदात हुई। पैसों के बंटवारे के विवाद में बंटी यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सहित अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।


जंक्शन के पास से मारपीट कर हुआ था बंटी का अपहरण

यह सनसनीखेज मामला जक्कनपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली किरण देवी के लिखित आवेदन पर दर्ज किया गया था। शिकायत में उन्होंने बताया था कि 6 जुलाई की रात उनका बेटा बंटी यादव पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी में दही लेने गया था। वहीं पर आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी, रोहित कुमार और उनके 6-7 साथियों ने बंटी के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे जबरन अपने साथ अगवा कर ले गए। पुलिस को इस पूरी अपहरण की घटना का एक वीडियो भी सबूत के तौर पर मिला था।


विशेष SIT का गठन और तकनीकी साक्ष्यों से जांच शुरू

अपहरण के इस संगीन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था-01) के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार विशेष एसआईटी (SIT) टीमों का गठन किया गया। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिसमें केस का गहरा अनुसंधान, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी विश्लेषण (सीडीआर, टावर डंप, आईपीडीआर और सोशल मीडिया ट्रैकिंग) और आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शामिल थी।


पहले तीन की हुई गिरफ्तारी, फिर खेत से बरामद हुआ शव

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सबसे पहले 7 जुलाई को कार्रवाई की और मामले से जुड़े तीन आरोपियों—रोहित कुमार, बजरंगी कुमार और रवि कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर ही रही थी कि 11 जुलाई को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने अथमलगोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत फुलेलपुर फोरलेन के नीचे एक खेत में मिट्टी और बालू के नीचे दबाए गए अपहृत बंटी यादव का शव बरामद कर लिया।


अवैध शराब का सिंडिकेट और साजिश के तहत मर्डर

इस मामले में सोमवार को पुलिस ने दो और आरोपियों—रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी का संबंध मोनी किन्नर से था, और दोनों ट्रेन से अवैध शराब लाकर बेचते थे। इसी मुनाफे में हिस्सेदारी को लेकर बंटी और रविश के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में शंकर, रौशन, रोहित, सोनू, मोनी किन्नर, सूरज, बजरंगी और रवि ने मिलकर बंटी के अपहरण और हत्या की खौफनाक साजिश रची। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल जब्त किए हैं और बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

रिपोर्ट - रंजीत कुमार