Bihar News : पंचायती राज विभाग के अड़ियल रवैये के खिलाफ पंचायत सचिवों का महाधरना शुरू, 'करो या मरो' की नीति अपनाने की चेतावनी

Bihar News : बिहार के पंचायत सचिवों ने सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसी कड़ी में पांच दिवसीय धरना की शुरुआत की गयी है.........पढ़िए आगे

Bihar News : पंचायती राज विभाग के अड़ियल रवैये के खिलाफ पंचा
पंचायत सचिवों का धरना - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पंचायती राज विभाग के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ राज्यभर के पंचायत सचिवों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत सचिवों ने आज, 16 मई 2026 से राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन महाधरना कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। इस आंदोलन में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों की संख्या में पंचायत सचिवों ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।

महाधरना के दौरान आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए संघ के राज्याध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार ने बताया कि इससे पूर्व माननीय मंत्री महोदय के साथ सकारात्मक वार्ता हुई थी। इसके बावजूद पंचायती राज विभाग द्वारा दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई। विभाग ने मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा एवं वैशाली जिलों के पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया। राज्याध्यक्ष ने विभाग के इस कदम को "आग में घी डालने" जैसा बताते हुए कहा कि इसी दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में संघ द्वारा यह पांच दिवसीय धरना कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो 16 मई से 20 मई 2026 तक चलेगा।

संघ के नेतृत्व ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस पांच दिवसीय आंदोलन के बावजूद उनकी 5 सूत्री मांगें पूरी नहीं की गईं और विभाग द्वारा पंचायत सचिवों के खिलाफ शुरू की गई दंडात्मक कार्रवाई तुरंत बंद नहीं हुई, तो संघ बाध्य होकर 'करो या मरो' की नीति अपनाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और विभाग को अपना अड़ियल रुख छोड़ना ही होगा।

इस आंदोलन के दौरान पंचायत सचिव संघ ने अपनी 5 सूत्री मुख्य मांगों (Demand) को भी प्रमुखता से सामने रखा है। इन मांगों में वर्ष 2005 के पंचायत सचिवों का अंतर-जिला स्थानांतरण अविलंब करने, न्यूनतम योग्यता स्नातक करते हुए पदनाम G.P.R.O. (ग्राम पंचायत राज पदाधिकारी) करने, पंचायत सचिवों का ग्रेड पे 2000 रुपये से बढ़ाकर 4200 रुपये करने तथा प्रति माह 2000 रुपये वाहन भत्ता देने की मांग शामिल है।

इसके अलावा संघ की पांचवीं मुख्य मांग यह है कि पंचायत सचिवों से प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर प्रोन्नति (प्रमोशन) के मामलों में लगाई गई 55 वर्ष की अधिकतम उम्र सीमा को पूरी तरह से समाप्त किया जाए। धरने पर बैठे सचिवों का कहना है कि जब तक उनकी इन जायज मांगों पर विभाग सहानुभूतिपूर्वक विचार कर निलंबन वापस नहीं लेता, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।