आनंद मोहन के तेवर से नाराज हुए नीतीश! अचानक पहुंचे संजय सिंह के आवास, बिहार में गरमाई 'राजपूत राजनीति'
जदयू में राजपूत राजनीति चरम पर है. आनंद मोहन के नीतीश कुमार और जदयू को लेकर दिए बयान के बीच जदयू के राजपूत जाति से आने वाले एमएलसी संजय सिंह अचानक से सुर्ख़ियों में हैं.
Nitish Kumar : राजपूत समाज से आने वाले पूर्व सांसद आनंद मोहन द्वारा लगातार जदयू पर हमले किए जाने के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राजपूत नेता और जदयू एमएलसी संजय सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें खुलकर आगे बढ़ाया है। आनंद मोहन के बयानों का जवाब देने के लिए जहां संजय सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है, वहीं मंगलवार को नीतीश कुमार खुद उनके पटना स्थित आवास पहुंच गए। इसे जदयू की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
दरअसल, बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से आनंद मोहन लगातार जदयू और नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। हालांकि उनकी पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद फिलहाल जदयू से सांसद और विधायक हैं।
नीतीश को किया जिंदा दफन
हाल ही में सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में आनंद मोहन ने कहा था कि “नीतीश कुमार को उनकी ही पार्टी के लोगों ने जिंदा दफन कर दिया है।” उन्होंने निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने की चर्चाओं पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, “बाप-बेटे दोनों को डॉक्टर की जरूरत है। चंडाल चौकड़ी ने जदयू को बर्बाद कर दिया। पार्टी अब थैली वाली पार्टी बन गई है। जिसने थैली पहुंचाई, वही मंत्री बना।”
आनंद मोहन मानसिक बीमार
आनंद मोहन के बयान के बाद जदयू ने संजय सिंह को जवाबी मोर्चे पर उतारा। संजय सिंह ने तीखा पलटवार करते हुए कहा, “आनंद मोहन के इस बयान से मैं स्तब्ध हूं। ऐसा बयान मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही दे सकता है। जहां मानसिक हॉस्पिटल हो, वहां जाकर वो इलाज करवा सकते हैं। हमलोग उनका इलाज करवा देंगे।” उन्होंने आगे चुनौती देते हुए कहा, “अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो पहले अपनी पत्नी और बेटे से इस्तीफा दिलवाकर मैदान में आ जाएं, तब पता चल जाएगा।”
राजपूत राजनीति
इधर, आनंद मोहन की बयानबाजी के बीच नीतीश कुमार का अचानक संजय सिंह के घर पहुंचना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसके जरिए जदयू नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपने नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और आनंद मोहन के हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है। संयोग से आनंद मोहन और संजय सिंह दोनों ही राजपूत जाति से आते हैं। ऐसे में इसे जदयू के भीतर राजपूत राजनीति के चरम पर होने का संकेत भी माना जा रहा है। संजय सिंह के अलावा राजपूत जाति से आने वाली लेशी सिंह भी आनंद मोहन पर जमकर भड़क चुकी हैं। अब नीतीश कुमार के संजय सिंह से मिलने के बाद आनंद मोहन पर और ज्यादा तेज हमले होने की क्यासबजियाँ शुरू हो गई हैं।
अभिजीत की रिपोर्ट