निशांत ने ली जदयू की सदस्यता, ललन सिंह का पांव छूकर लिया आशीर्वाद, किया ऐलान- करेंगे 'पापा' का यह काम
कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई जबकि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पार्टी का अंग वस्त्र प्रदान किया. इस दौरान निशांत ने ललन सिंह का पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया.
Nishant : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने रविवार दोपहर आधिकारिक रुप से जदयू की सदस्यता ग्रहण की. कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई जबकि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पार्टी का अंग वस्त्र प्रदान किया. इस दौरान निशांत ने ललन सिंह का पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. अपने सम्बोधन में निशांत ने कहा कि पापा (नीतीश ) ने बीस साल में जो काम किया है उसे घर घर पहुँचाने का वे काम करेंगे. जनता के दिल में जगह बनाएंगे और जदयू के कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी को जमीनी स्तर पर मंजबूत करेंगे. उन्होंने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने जदयू ज्वाइन किया. इस दौरान बिहार के अलग अलग जिलों से आये हजारों समर्थकों की भारी भीड़ निशांत को पार्टी में शामिल किये जाने की ख़ुशी में पटना की सड़कों पर उमड़ी. अब सियासी गलियारों में निशांत के डिप्टी सीएम बनने की चर्चा तेज है.

निशांत का जीवन
बिहार के मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार के इकलौते पुत्र निशांत अक्सर सार्वजनिक जीवन से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं। शांत स्वभाव और सादगीपूर्ण जीवनशैली के कारण वे राजनीति में कम दिखाई देते हैं, लेकिन समय-समय पर उनके बारे में चर्चा होती रहती है। निशांत कुमार का जन्म बिहार की राजधानी पटना में वर्ष 1975 में हुआ था। वर्ष 2026 के अनुसार उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष के आसपास मानी जाती है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और झारखंड के प्रसिद्ध तकनीकी संस्थान Birla Institute of Technology Mesra (BIT मेसरा) से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट या राजनीति में सक्रिय करियर बनाने के बजाय अपेक्षाकृत निजी और शांत जीवन जीना पसंद किया।
राजनीतिक परिवारों के वारिसों से अलग पहचान
निशांत कुमार की माता का नाम मंजू सिन्हा था, जो पेशे से शिक्षिका थीं। उनका निधन वर्ष 2007 में हो गया था। इसके बाद से निशांत अपने पिता के काफी करीब माने जाते हैं और कई मौकों पर उनके साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आते हैं। हालांकि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते हैं, फिर भी बिहार की राजनीति में उनका नाम अक्सर चर्चा में रहा है। अब वे अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं। फिलहाल निशांत कुमार धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं। वे अक्सर मंदिरों में दर्शन के लिए जाते दिखाई देते हैं और मीडिया से भी कम ही बातचीत करते हैं। कुल मिलाकर, सादगी, कम बोलने की आदत और सार्वजनिक जीवन से दूरी उन्हें बिहार के अन्य राजनीतिक परिवारों के वारिसों से अलग पहचान देती है।

बिहार दौरा करेंगे निशांत
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार बिहार के विभिन्न इलाकों का दौरा शुरू करेंगे। जदयू के एमएलसी नीरज कुमार के अनुसार, निशांत राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों का दौरा करेंगे और आम लोगों से संवाद स्थापित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी कई यात्राओं की शुरुआत चंपारण से ही की थी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जदयू के संगठनात्मक मोर्चे पर निशांत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
जदयू कार्यकर्ताओं में उत्साह
निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पटना स्थित जदयू कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में नीतीश कुमार और निशांत कुमार की तस्वीरें लगाई गई हैं। इनमें लिखा है— “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत, निशांत कुमार।”
रंजन की रिपोर्ट