बिहार के स्कूल-कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल होगा योग ! सीएम सम्राट से निशांत की बड़ी मांग

निशांत कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी।

Nishant Kumar on international Yoga Day
Nishant Kumar on international Yoga Day- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य के सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने की मांग उठाई है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ योगाभ्यास करने के बाद उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शिक्षण संस्थानों में नियमित योग सत्र आयोजित किए जाने चाहिए। निशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया है कि बिहार के सभी स्कूलों और कॉलेजों में प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे का योग सत्र आयोजित किया जाए। इस सत्र में योग, ध्यान और योग निद्रा को शामिल किया जाए। हालांकि इसे अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक रखा जाए ताकि विद्यार्थी अपनी इच्छा के अनुसार इसमें भाग ले सकें।


उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। निशांत कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज योग पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि मानव कल्याण का वैश्विक माध्यम बन चुका है।


सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान 

वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी राज्यस्तरीय कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि योग भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की इस महान विरासत को अपना रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से योग को जन-जन का संकल्प बनाने और स्वस्थ, समृद्ध एवं विकसित बिहार के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने भगवद्गीता के प्रसिद्ध श्लोक "समत्वं योग उच्यते" का उल्लेख करते हुए योग के महत्व को रेखांकित किया।


2014 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

गौरतलब है कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को 177 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। वर्ष 2015 से हर साल दुनिया भर में योग दिवस मनाया जा रहा है। 21 जून को उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन माना जाता है, जिसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी विशेष महत्व है।


योग से कई लाभ 

विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि आज योग स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का पर्याय बनता जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार सहित देशभर में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

वंदना की रिपोर्ट