निशांत का 'मास्टरस्ट्रोक': जिस संस्था ने किया था नीतीश का बायकॉट, वहीं ईद मनाने पहुंचे बेटे; वक्फ विवाद के बीच दिया बड़ा संदेश
निशांत कुमार ने ईद के दिन पटना के गांधी मैदान से लेकर इमारत-ए-शरिया तक का दौरा कर बड़ा सियासी संदेश दिया है। वक्फ कानून विवाद के बाद जेडीयू से दूर हुई संस्था के द्वार पहुंचकर उन्होंने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प दोहराया है।
Patna - बदलते मौसम के बीच बिहार की सियासत बदल रही है । नीतीश कुमार के बेटे निशांत की सियासी एंट्री के बाद आमजन में ये चर्चा है कि निशांत कुमार कितना आगे जा पाएंगे. डिप्टी सीएम की कुर्सी तो करीब है, पर सीएम की कुर्सी तक अपनी पहुंच बना पाएंगे. इस सवाल का जवाब अभी नहीं दिया सकता है. अभी तो लंबा सियासी पारी खेलना है, अभी तो हर मौके पर चौका लगाना है और अभी निशांत यही करते दिख रहे हैं. जिस मुस्लिम संस्था ने साल 2025 में सीएम नीतीश के इफ्तार का बॉयकॉट किया था, ईद के बहाने उस संस्था के दरवाजे पर पहुंच गए निशांत कुमार ।

ईद के दिन निशांत कुमार के दिन की शुरूआत पटना के गांधी मैदान से शुरू होती है और उसके बाद पारस हॉस्पितल के मालिक डॉ अब्दुल हाई, जमीयत उलेमा के सचिव डॉ फैज, कटिहार मेडिकल कॉलेज के संस्थापर सह पूर्व सांसद डॉ अहमद अशफाक करीम, बिहार राज्य हज कमिटी के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद इलियास हुसैन के घर पहुंचते जाते हैं. घर जाकर सभी को ईद की बधाई देते हैं. इसके अलावा निशांत कुमार खानकाह मुजीबिया और इमारत-ए-शरिया भी जाते हैं. फिर देर शाम जैसे ही घर पहुंचते हैं, तो पार्टी के नेता भी उनसे मुलाकात करने पहुंच जाते हैं. निशांत कुमार पार्टी नेताओं से मुलाकात भी करते हैं.
ईद के दिन सबसे खास बात ये रही निशांत कुमार इमारत-ए-शरिया भी जाते हैं. इमारत-ए-शरिया वो मुस्लिम संस्था हैं जिसने साल 2025 में सीएम नीतीश कुमार के इफ्तार का बॉयकॉट किया था. इमारत-ए-शरिया ने तब वक्फ कानून को नीतीश कुमार के समर्थन को वजह बताया था. साल 2025 में ईद के दिन इमारत-ए-शरिया तेजस्वी यादव पहुंचते हैं. ऐसा तब लगने लगा था कि इमारत-ए-शरिया आरजेडी के करीब और जेडीयू से दूर होता जा रहा है. पूरे वाक्ये के बाद इमारत-ए-शरिया में अमीर-ए-शरीयत हजरत वली फैसल रहमीनी को लेकर विवाद भी हुआ था. खैर निशांत कुमार ने आज इमारत-ए-शरिया पहुंच कर बड़ा मैसेज दे दिया है.

कुल मिलाकर कहें तो, ईद के मौके पर निशांत कुमार बिलकुल अपने पापा नीतीश कुमार की तरह दिखे. जैसे सीएम नीतीश का रूटीन ईद पर होता रहा है, वैसे ही आज निशांत का रूटीन रहा. निशांत कुमार के तौर तरीकों में मुसलमानों के लिए एक कड़ा मैसेज साफ दिख रहा है. जैसे उनके पिता ने आपके लिए किया है, आगे हम भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चलेंगे. कोई हल्का सा भी फरक नहीं होगा.
Report - Debanshu prabhat