चार साल में ही जर्जर हुआ सिकंदरपुर पुल, 600 करोड़ की परियोजना पर उठ रहे हैं सवाल, एक्सपेंशन जॉइंट में गैपिंग और क्रैश बैरियर में दरारें, हर पल बना है हादसे का खतरा

Bihar News: एनएच-30ए पर स्थित सिकंदरपुर पुल निर्माण के महज चार साल में ही बदहाल होने लगा है।

NH 30A Bridge in Bihar Deteriorates Just 4 Years After Const
चार साल में ही जर्जर हुआ सिकंदरपुर पुल- फोटो : social Media

Patna: बाढ़ अनुमंडल के एनएच-30ए पर स्थित सिकंदरपुर पुल निर्माण के महज चार साल में ही बदहाल होने लगा है। पुल के दोनों ओर सड़क से सटे साइड स्लोप में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद मिट्टी धंसने से इन गड्ढों की गहराई और बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।बताया जाता है कि यह पुल वर्ष 2022 में करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़-हरनौत-फतुहा एनएच-30ए के टू-लेन अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया था। निर्माण के चार साल के भीतर ही पुल की हालत पर सवाल उठने लगे हैं। पुल के दोनों तरफ साइड स्लोप पर बने गड्ढे लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं।

बारिश के कारण मिट्टी धंसने से कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इनमें कभी भी कोई दोपहिया वाहन या भारी वाहन फंस सकता है। खासकर रात के समय इन गड्ढों की वजह से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने तत्काल बैरिकेडिंग और मरम्मत की मांग की है।

भारी वाहनों की आवाजाही, एक्सपेंशन जॉइंट में बड़ी गैपिंग

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से एनटीपीसी की फ्लाई ऐश लेकर भारी हाइवा और ट्रकों का लगातार आवागमन होता है। भारी वाहनों के दबाव के बीच पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में भी कई जगह बड़ी गैपिंग दिखाई दे रही है। निर्माण के कुछ ही वर्षों में जॉइंट का इस तरह फैलना पुल की गुणवत्ता और निर्माण तकनीक को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।एक्सपेंशन जॉइंट की गैपिंग का असर अब पुल के क्रैश बैरियर पर भी नजर आने लगा है। क्रैश बैरियर के कई जॉइंट में बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। कुछ जगहों पर जॉइंट से अलग भी दरारें उभर आई हैं। ऐसे में पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रखरखाव की जिम्मेदारी, फिर भी कार्रवाई का इंतजार

निर्माण के बाद पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण कंपनी की बताई जा रही है। इसके बावजूद पुल की मौजूदा स्थिति को लेकर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।ग्रामीणों और वाहन चालकों ने संबंधित विभाग से पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल गड्ढों की ऊपरी मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक्सपेंशन जॉइंट, क्रैश बैरियर और साइड स्लोप की विशेषज्ञों से जांच कराई जानी चाहिए।

लोगों का कहना है कि पुल की खामियों को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। बड़ा हादसा होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि जान-माल के नुकसान की आशंका को टाला जा सके।