Bihar Police: बिहार पुलिस में लागू हुआ नया 'डिमोशन' रूल, अब भ्रष्ट अफसरों की अब खैर नहीं! DGP विनय कुमार का सख्त फरमान
Bihar Police: बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के लिए सख्त फरमान जारी कर दिया है। अब भ्रष्ट अधिकारियों को केवल निलंबन की सजा नहीं मिलेगी बल्कि उनका डिमोशन भी किया जाएगा।
Bihar Police: बिहार पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए डीजीपी ने अब तक का सबसे कड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों को न केवल सस्पेंड किया जाएगा, बल्कि उनका डिमोशन (पदोन्नति की जगह पदावनति) भी कर दिया जाएगा। दरअसल, बिहार में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
भ्रष्ट अधिकारियों का होगा डिमोशन
डीजीपी विनय कुमार ने साफ संकेत दिया है कि अब भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सिर्फ निलंबित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उनका डिमोशन (पदावनति) भी किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि थानों से लगातार रिश्वतखोरी और मनमानी की शिकायतें मिल रही हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
अब सिर्फ निलंबन नहीं, पदावनति भी
इस संबंध में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में भी बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं कि पुलिस काम के बदले पैसे की मांग करती है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि थाना स्तर पर भ्रष्ट आचरण पाए जाने पर अब केवल निलंबन तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। ऐसे कर्मियों को पदावनत कर उसी थाने में सामान्य जिम्मेदारी के साथ तैनात किया जाएगा। इससे पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
कई जिलों से मिली शिकायतें
मुख्यालय को मिली शिकायतों में भोजपुर और नवादा जैसे जिलों के मामले भी शामिल हैं, जहां पुलिसकर्मियों पर अपराधियों से मिलीभगत और भूमि माफियाओं के पक्ष में काम करने के आरोप लगे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
निलंबन से बच निकलते थे आरोपी
अधिकारियों का मानना है कि कई मामलों में निलंबन की कार्रवाई के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी प्रभाव और पैसों के बल पर बच निकलते हैं और बाद में सेवा में बहाल हो जाते हैं। ऐसे में पदावनति जैसे कड़े कदम से इस प्रवृत्ति पर रोक लगने की उम्मीद है। पुलिस मैनुअल में पहले से ही लघु दंड, ब्लैक मार्क और बर्खास्तगी तक के प्रावधान मौजूद हैं। गंभीर मामलों में इंस्पेक्टर से दारोगा और दारोगा से जमादार तक पदावनति की जा सकती है। डीजीपी के इस सख्त रुख के बाद माना जा रहा है कि बिहार पुलिस में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।