Patna Railway Terminal: पटना जंक्शन पर 5 प्लेटफॉर्म का टर्मिनल, लोकल ट्रेन का वहीं से होगा संचालन..जानिए कहां से पकड़नी होगी ट्रेन...

पटना जंक्शन पर लगातार बढ़ रहे ट्रेनों और यात्रियों के दबाव को कम करना तथा रेल परिचालन को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए 5 प्लेटफॉर्म का टर्मिनल ....

New 5 Platform Railway Station to Be Built at Patna Harding
पटना जंक्शन पर 5 प्लेटफॉर्म का टर्मिनल- फोटो : Hiresh Kumar

Patna Railway Terminal: बिहार की राजधानी पटना को जल्द ही रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय रेल मंत्री   ने घोषणा की है कि पटना के हार्डिंग पार्क क्षेत्र में पांच प्लेटफॉर्म वाला नया रेलवे टर्मिनल विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य पटना जंक्शन पर लगातार बढ़ रहे ट्रेनों और यात्रियों के दबाव को कम करना तथा रेल परिचालन को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है।

रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में रेलवे के दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा रहा है। इनमें हार्डिंग पार्क रेलवे टर्मिनल के साथ-साथ फतुहा में विकसित किया जा रहा विशाल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। फतुहा परियोजना के पूरा होने के बाद माल ढुलाई की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।

हार्डिंग पार्क में प्रस्तावित नया टर्मिनल राजधानी के रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। योजना के अनुसार सासाराम, आरा, बक्सर, गया, झाझा और राजगीर रूट पर चलने वाली कई लोकल और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन इस नए टर्मिनल से किया जाएगा। इससे पटना जंक्शन पर प्लेटफॉर्म की उपलब्धता बढ़ेगी और एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आएगा। यात्रियों को भी भीड़भाड़ और लंबी प्रतीक्षा जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार बिहार में रेलवे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रेल बजट दिया गया है और वर्तमान में लगभग एक लाख 15 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार देश के सबसे मजबूत रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल होगा।

हालांकि, हार्डिंग पार्क टर्मिनल परियोजना की प्रगति को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। प्रधानमंत्री i द्वारा मई 2025 में इस परियोजना का शिलान्यास किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका है। स्थिति यह है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरी तरह नहीं हो पाया है और पहले चरण का 10 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं होने की चर्चा है। निर्माण स्थल पर धीमी रफ्तार को लेकर स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों के बीच चिंता बढ़ रही है। ऐसे में अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन पर टिकी हैं कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना कब गति पकड़ेगी और पटना को उसका बहुप्रतीक्षित आधुनिक रेलवे टर्मिनल कब मिलेगा।