मुजफ्फरपुर डीटीओ कुमार सत्येन्द्र यादव बने सहकारिता मंत्री के आप्त सचिव, अधिसूचना जारी

मुजफ्फरपुर डीटीओ कुमार सत्येन्द्र यादव बने सहकारिता मंत्री क

Patna : बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए मुजफ्फरपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) कुमार सत्येन्द्र यादव को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, श्री यादव अब सहकारिता मंत्री के आप्त सचिव (सरकारी) के रूप में कार्यभार संभालेंगे। सरकार के इस कदम को विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक गति देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 15 मई 2026 को जारी अधिसूचना संख्या-14/प0-704/2025-8707 में यह स्पष्ट किया गया है कि बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कुमार सत्येन्द्र यादव की सेवाएं अब सहकारिता विभाग को सौंपी जाती हैं। उनकी नियुक्ति मंत्री, सहकारिता विभाग की विशेष अनुशंसा पर की गई है। विभागीय पत्रांक-1169 के प्रावधानों के तहत यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और वे अगले आदेश तक इस पद पर अपनी सेवाएं देंगे।


प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखें तो श्री कुमार सत्येन्द्र यादव का अनुभव काफी विस्तृत रहा है। मुजफ्फरपुर जैसे व्यस्त और बड़े जिले में जिला परिवहन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रहते हुए उन्होंने राजस्व संग्रह और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कई अहम कदम उठाए थे। उनके इसी प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें मंत्री के कार्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि उनके आने से सहकारिता विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक पारदर्शिता और तेजी आएगी।


आदेश की प्रतिलिपि बिहार राजपत्र में प्रकाशन के साथ-साथ महालेखाकार, मुख्यमंत्री सचिवालय, वित्त विभाग और जिला पदाधिकारी मुजफ्फरपुर सहित सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। इस नियुक्ति के साथ ही मुजफ्फरपुर में नए DTO की तैनाती को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार के उप सचिव राजीव रंजन दास द्वारा निर्गत यह आदेश विभाग के भीतर समन्वय को और मजबूत करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।


राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस नियुक्ति को सहकारिता विभाग के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सहकारिता क्षेत्र बिहार की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सीधे तौर पर किसानों और आम जनता से जुड़ा है। ऐसे में एक अनुभवी अधिकारी का मंत्री के आप्त सचिव के रूप में जुड़ना विभागीय योजनाओं के बेहतर प्रबंधन और जनहित के कार्यों को समय पर पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।




धीरज पराशर की रिपोर्ट