छठ पूजा पर विमानों के महंगे किराए को लेकर मुकेश सहनी का केंद्र पर तीखा हमला, कहा—बिहारियों के साथ हो रहा है भेदभाव
वीआईपी सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में उमड़ती भारी भीड़ और विमानों के किरायों में हुई बेतहाशा वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा है कि बिहारियों के साथ भेदभाव हो रहा है....
Patna : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में उमड़ती भारी भीड़ और विमानों के किरायों में हुई बेतहाशा वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि छठ बिहार का सबसे बड़ा और पवित्र पर्व है, जिसमें हर प्रवासी अपने परिवार के साथ जुड़ना चाहता है, लेकिन मुंबई और दिल्ली से बिहार आने वाले विमानों के टिकट 30 से 50 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर विमान किराये की अधिकतम सीमा 10 से 12 हजार रुपये तय करे और एयरलाइंस कंपनियों की इस लूट पर रोक लगाए।
सरकार पर प्रवासियों की अनदेखी का आरोप
सहनी ने तीखे शब्दों में कहा कि पिछले चुनावों के दौरान विशेष ट्रेनें और तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करने वाली सरकार ने इस बार आम बिहारियों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। पर्व के समय घर लौटने वाले लोगों की सुधि लेने के बजाय उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह त्योहार के इस सीजन में विशेष ट्रेनों और उड़ानों का संचालन सुनिश्चित करे, ताकि लोग सुगमता से अपने घर पहुंच सकें।
बिहार की कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं पर खड़े किए सवाल
राज्य की कानून-व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा कि बिहार में इन दिनों गुंडागर्दी का माहौल चरम पर है और सरकार अपराध पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे बैसाखी के सहारे सरकार चला रहे हैं और उनके पास स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की क्षमता नहीं बची है। इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं को दो लाख रुपये देने और 125 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी घोषणाओं को बिना किसी ठोस कार्ययोजना के उठाया गया कदम बताया।
निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने पर साधा निशाना
निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के सियासी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सहनी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले ही जदयू को कमजोर करने का पूरा खाका तैयार कर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों निर्दलीय सदस्यों को चुनाव जिताने में पर्दे के पीछे से भाजपा की मदद रही और बाद में उन्हें अपने पाले में मिलाकर जदयू की पीठ में खंजर घोंपा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदस्यता का यह पूरा मामला अब कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में जाएगा और जो फैसला आएगा, वह सबके सामने होगा।
घुसपैठियों के आंकड़ों पर केंद्र सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
घुसपैठियों के संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए मुकेश सहनी ने सवाल उठाया कि देश में पहले 14 करोड़ और फिर 3 करोड़ घुसपैठियों के होने का दावा किया गया था, तो सरकार अब देश को बताए कि वे लोग इस समय कहां हैं और उनके खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की गई है। उन्होंने भाजपा पर झूठे और मनगढ़ंत आंकड़ों के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि जो लोग खुद लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं, वही आज लोकतंत्र बचाने का ढोंग कर रहे हैं।
देवांशु प्रभात की रिपोर्ट