Bihar News : 'मेरी पंचायत' ऐप से बदल रहा ग्रामीण भारत, उपयोग में बिहार देश में चौथे स्थान पर, उत्तर प्रदेश बना नम्बर वन

Bihar News : मेरी पंचायत एप से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है. इस एप को डाउनलोड करने में बिहार में देश में चौथे पर नम्बर पर है. जबकि यूपी ने पहला स्थान हासिल किया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : 'मेरी पंचायत' ऐप से बदल रहा ग्रामीण भारत, उपयोग
मेरी पंचायत एप - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब ग्रामीण प्रशासन को सीधे आम जनता के मोबाइल तक पहुँचाने के लिए भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने ‘मेरी पंचायत’ ऐप लॉन्च किया है। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्रामीण क्षेत्रों को स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित यह ऐप पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकार और ग्रामीणों के बीच की दूरी को खत्म कर रहा है।

इस ऐप के जरिए अब ग्रामीणों को अपनी पंचायत की जानकारी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक क्लिक पर पंचायत के बजट, विकास कार्यों के लिए मिले फंड, खर्च का ब्यौरा और चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध है। इतना ही नहीं, यह ऐप निर्वाचित प्रतिनिधियों का विवरण, नागरिक सेवाएं और यहाँ तक कि अगले 5 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान भी प्रदान करता है। खास बात यह है कि यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी समेत कुल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।

बिहार के लिए यह गर्व की बात है कि 'मेरी पंचायत' ऐप के उपयोग के मामले में राज्य देश भर में चौथे स्थान पर काबिज हो गया है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 3,22,772 से अधिक यूजर्स इस ऐप को डाउनलोड कर चुके हैं, जो दर्शाता है कि यहाँ के ग्रामीण विकास की डिजिटल निगरानी के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इस सूची में उत्तर प्रदेश फिलहाल पहले पायदान पर है। बिहार की इस बढ़ती रुचि से उम्मीद है कि राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और विकास योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचेगा।

ऐप की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निगरानी और फीडबैक प्रणाली है। ग्रामीण जनता अब न केवल विकास योजनाओं के सुझाव दे सकती है, बल्कि चल रहे या पूरे हो चुके कार्यों की समीक्षा और मूल्यांकन भी कर सकती है। ऐप में जियो-टैग्ड और जियो-फेंस्ड शिकायत निवारण की सुविधा दी गई है, जिससे किसी भी कार्य की लोकेशन और स्थिति की सटीक जानकारी फोटो के साथ सरकार तक पहुँचती है। इसके अलावा, ग्राम सभा के एजेंडे और बैठकों में लिए गए निर्णयों को भी ऐप पर सार्वजनिक किया जाता है।

कुल मिलाकर, ‘मेरी पंचायत’ ऐप ग्रामीण स्वशासन को मजबूती प्रदान कर रहा है। यह सामाजिक लेखा परीक्षा (Social Audit) और निधि उपयोग के डेटा को सार्वजनिक कर बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे इस ऐप के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ेगी, ग्रामीण भारत अधिक सशक्त, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनेगा। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, जिसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर कर उपयोग कर सकता है।