UCC पर भड़का राजद, मनोज झा की केंद्र को नसीहत- मोहन भागवत का ज्ञान ही मान ले

मनोज झा ने बुधवार को कहा कि UCC के नाम पर एकरूपता की बात की जा रही है, जबकि देश की विविधता और एकता को समझने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के विदेश में दिए गए बयानों का हवाला दिया

Manoj Jha
Manoj Jha - फोटो : news4nation

Bihar News :  समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बिहार में सियासी बहस तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद और मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने UCC को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे ‘Dog Whistle Politics’ बताया। उन्होंने कहा कि वह सदन के अंदर भी इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं।


मनोज झा ने बुधवार को कहा कि UCC के नाम पर एकरूपता की बात की जा रही है, जबकि देश की विविधता और एकता को समझने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के विदेश में दिए गए बयानों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका और इंग्लैंड में भागवत ने ‘यूनिफॉर्म’ के बजाय ‘यूनिटी’ की जरूरत की बात कही थी। झा ने कहा कि एकता के लिए एकरूपता जरूरी नहीं है।


दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। शाह ने कहा था कि कुछ राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है और इसे सभी NDA शासित राज्यों में लागू करने का संकल्प है।


अमित शाह के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में UCC को लेकर मतभेद सामने आए हैं। विपक्षी दल RJD समेत कई दल इसके विरोध में हैं, जबकि बिहार में सत्तारूढ़ NDA के भीतर भी इस मुद्दे पर एकराय नहीं दिख रही है। जदयू ने कहा है कि वह पहले प्रस्तावित कानून के प्रावधानों का अध्ययन करेगा और इसके बाद केंद्र सरकार से चर्चा कर अपना रुख तय करेगा। वहीं, NDA के कुछ अन्य सहयोगियों ने UCC के समर्थन या व्यापक विचार-विमर्श की बात कही है।


बाढ़ पर भी केंद्र सरकार को घेरा

बिहार में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने केंद्रीय टीम के बुधवार को राज्य पहुंचने और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे को लेकर भी मनोज झा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। केंद्रीय टीम 16 सितंबर को बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंच रही है और शिवराज सिंह चौहान भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले हैं।


मनोज झा ने कहा कि केंद्र को बिहार आने में काफी देर हो गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बहुत देर कर दी आने में। अगर बिहार में चुनाव होता तो 150 लोग यहां बैठे रहते।” उन्होंने कहा कि जब बिहार बाढ़ से जूझ रहा था, तब पूरा मंत्रिमंडल यहां बैठा रहा, लेकिन बिहार की चिंता नहीं की गई। केंद्रीय टीम के चार्टर्ड विमान से आने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि अगर उस विमान का पैसा भी बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगाया जाता तो बेहतर होता। मनोज झा ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

अभिजीत की रिपोर्ट