Bihar News: बिहार में भू-माफियाओं का आतंक! जमीन होने के बावजूद मांगी जा रही रंगदारी, पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
Bihar News: बिहार में भू-माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जमीन खरीदने के बावजूद लोगों को अपने ही प्लॉट पर कब्जा पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ताज़ा मामले में एक पीड़िता ने न सिर्फ दबंगों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है
Bihar News: बिहार में भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताज़ा मामला सामने आया है। जहां जमीन खरीदने के बावजूद पीड़ित को अपने ही प्लॉट पर कब्जा पाने के लिए कथित तौर पर रंगदारी देने का दबाव झेलना पड़ रहा है। पीड़िता रीता देवी ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद को लेकर पहले 5 लाख रुपये में समझौता तय किया गया था। लेकिन रकम नहीं देने पर दबंगों ने उनकी जमीन की बाउंड्री तक ध्वस्त कर दी।
सीओ पर आरोप
मामले की खास बात यह है कि डीसीएलआर ने रीता देवी के पक्ष में फैसला देते हुए जमीन का सीमांकन भी करा दिया है। इसके बावजूद पीड़िता का आरोप है कि संबंधित अंचल अधिकारी (सीओ) आदेश को लागू कराने में टालमटोल कर रहे हैं। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक वैधानिक आदेश के बाद भी पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा है, तो आम लोगों के लिए स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
रीता देवी का आरोप है कि स्थानीय अधिकारी भू-माफियाओं से मिलीभगत कर उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कई अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। एक ओर राज्य सरकार और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
पावर ऑफ अटॉर्नी होने के बाद भी बवाल
पीड़िता का कहना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि पावर ऑफ अटॉर्नी होने के बावजूद भी जमीन पर कब्जा पाने के लिए लोगों को कथित तौर पर दबंगों का सहारा लेना पड़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक आम लोग न्याय के लिए भटकते रहेंगे और क्या सरकार के दावे जमीनी स्तर पर असर दिखा पाएंगे?
पटना से अनिल कुमार