AI और ऑटोमेशन से लैस हुई भारतीय रेलवे: 1,874 स्टेशनों पर हाई-टेक सुरक्षा और रीयल-टाइम अपडेट

भारतीय रेलवे ने 2025-26 में तकनीक के क्षेत्र में मारी लंबी छलांग। 1,874 स्टेशनों पर AI सर्विलांस और 1,405 स्टेशनों पर रीयल-टाइम ट्रेन घोषणाओं की सुविधा शुरू। जानें कैसे बदल रहा है रेल सफर।

 AI और ऑटोमेशन से लैस हुई भारतीय रेलवे: 1,874 स्टेशनों पर हा

Patna - भारतीय रेलवे ने वर्ष 2025-26 के दौरान अपने दूरसंचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की हैइस आधुनिकीकरण का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों के परिचालन में दक्षता लाना और यात्रियों को एक सुरक्षित व सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना हैरेलवे अब केवल पटरियों का जाल नहीं, बल्कि अत्याधुनिक संचार प्रणालियों और नवीन समाधानों से लैस एक स्मार्ट नेटवर्क बनने की ओर अग्रसर है.

AI कैमरों की नजर में रहेंगे 1,874 रेलवे स्टेशन

यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे ने 1,874 स्टेशनों पर वीडियो सर्विलांस सिस्टम (VSS) का विस्तार किया हैयह कोई साधारण कैमरा सिस्टम नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वीडियो एनालिटिक्स से लैस है, जो घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों का स्वचालित रूप से पता लगा लेता हैइसमें रीयल-टाइम पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर का भी उपयोग किया जा रहा है, जिसे रेल मंत्री ने सिस्टम का 'दिमाग' बताया है.

1,405 स्टेशनों पर रीयल-टाइम घोषणाओं की सुविधा

यात्रियों को ट्रेनों की सटीक स्थिति बताने के लिए सूचना तंत्र को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया हैअब तक 1,405 स्टेशनों पर 'इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम' (IPIS) को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) के साथ जोड़ दिया गया हैइसके माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान और कोच की स्थिति के बारे में स्वचालित और रीयल-टाइम घोषणाएं सुनने को मिलेंगी.

हाई-टेक संचार के लिए 1,396 स्टेशनों पर IP MPLS तकनीक

रेलवे ने अपने आंतरिक संचार ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए IP MPLS (इंटरनेट प्रोटोकॉल मल्टी-प्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग) तकनीक को 1,396 स्टेशनों पर सफलतापूर्वक लागू किया हैयह उच्च क्षमता वाला नेटवर्क भविष्य की बैंडविड्थ जरूरतों को पूरा करेगाइसके जरिए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS), अनरिजर्व्ड टिकटिंग (UTS) और फ्रेट ऑपरेशंस (FOIS) जैसे महत्वपूर्ण रेल अनुप्रयोगों को एक ही हाई-स्पीड नेटवर्क पर एकीकृत किया गया है.

सुरंगों के अंदर भी नहीं टूटेगा संपर्क: टनल कम्युनिकेशन

दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने टनल कम्युनिकेशन सिस्टम की स्थापना की हैउधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में इसे प्राथमिकता दी गई हैयह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि सुरंग के अंदर काम करने वाले कर्मियों का कंट्रोल रूम और मुख्यालय के साथ निर्बाध रेडियो संपर्क बना रहे, जिससे आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.

डिजिटल इंडिया के विजन को मिल रही रफ्तार

2025-26 के दौरान उठाए गए ये कदम भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक तकनीक के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैंAI संचालित प्रणालियों का विस्तार और दूरसंचार ढांचे का सुदृढ़ीकरण न केवल सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि रेलवे को 'डिजिटल इंडिया' के विजन के अनुरूप एक आधुनिक इकोसिस्टम में बदल रहा हैआने वाले समय में ये तकनीकें भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी और यात्री-अनुकूल बनाएंगी.