Bihar news: जमीन के भीतर छुपा जल का खजाना! बिहार के 69 रहस्यमयी झरने बने प्रकृति के बड़े राज, पानी कहां से आता है अभी तक नहीं चल सका है पता, देशभर में सनसनी

Bihar news: बिहार में कुल 69 ऐसे पहाड़ी झरनों की पहचान हुई है, जिनका कोई स्पष्ट उद्गम स्रोत नहीं है, फिर भी इनमें साल भर निर्मल जल की अविरल धारा बहती रहती है मानो प्रकृति ने खुद इन्हें रहस्य की चादर में छुपा दिया हो।

 69 Mystery Springs Puzzle Bihar Still
बिहार के 69 रहस्यमयी झरने- फोटो : X

Bihar news: बिहार की पावन धरती से एक ऐसा हैरतअंगेज और दिलचस्प खुलासा सामने आया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्य में कुल 69 ऐसे पहाड़ी झरनों की पहचान हुई है, जिनका कोई स्पष्ट उद्गम स्रोत नहीं है, फिर भी इनमें साल भर निर्मल जल की अविरल धारा बहती रहती है मानो प्रकृति ने खुद इन्हें रहस्य की चादर में छुपा दिया हो।बिहार में में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 69 ऐसे पहाड़ी झरनोंकी पहचान हुई है, जिनका कोई सोर्स मालूम नहीं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इनसे सालभर पानी रवां-दवां रहता है। ये मंजर किसी कुदरती करिश्मे से कम नहीं लगता।

यह ऐतिहासिक तथ्य पहली बार केंद्र सरकार द्वारा कराए गए स्प्रिंग सेंसस में उजागर हुआ है। इस सर्वेक्षण में बिहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय बन गया है। आगामी विश्व जल दिवस के अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा बिहार को विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसे राज्य की योजना सचिव एन. विजयलक्ष्मी ग्रहण करेंगी।

ये अद्भुत झरने मुख्य रूप से नवादा, कैमूर, जमुई, रोहतास और शेखपुरा जिलों की पहाड़ियों में स्थित हैं। इनसे निकलने वाला जल स्थानीय जीवनरेखा साबित हो रहा है, क्योंकि इनसे बने जलाशयों का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। इससे किसानों के खेतों में हर मौसम में हरियाली और उम्मीद दोनों बनी रहती हैं।काबिले-गौर बात ये है कि अब तक इन झरनों का कोई सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं था, लेकिन इस सेंसस के बाद इनके संरक्षण, तरक़्क़ी और बेहतर इस्तेमाल की राहें खुल गई हैं। हाल ही में सातवीं लघु सिंचाई गणना और जल निकायों की गिनती में भी बिहार के काम की जमकर सराहना की गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि ये झरने बिहार के जल-भविष्य की असली सोने की खान साबित हो सकते हैं।

इसी बीच केंद्र सरकार द्वारा कराई गई सातवीं लघु सिंचाई गणना, द्वितीय जल निकाय गणना और वृहद-मध्यम जल परियोजनाओं की रिपोर्ट में भी बिहार के कार्यों की सराहना की गई है। यह उपलब्धि राज्य सरकार के जल संरक्षण अभियान और विशेष रूप से जल-जीवन-हरियाली मिशन की बड़ी सफलता मानी जा रही है। हुकूमत-ए-बिहार की ओर से चलाए जा रहे जल जीवन हरियाली जैसे मुहिम ने इस कामयाबी में अहम किरदार अदा किया है। सीएम नीतीश कुमार की दिलचस्पी और संजीदगी ने इस मिशन को नई बुलंदियों तक पहुंचाया है। अब ये 69 बेनिशान झरने न सिर्फ एक राज़ हैं, बल्कि बिहार के भविष्य  की उम्मीद भी बन चुके हैं।