Bihar News : डीजीपी के तिलक संबंधी बयान पर भड़के हरिभूषण ठाकुर बचौल, कहा— तुष्टीकरण की नीति ने देश को पहले ही किया बर्बाद, अब संज्ञान ले सरकार

Bihar News : बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी विनय कुमार के बयान पर सियासी भूचाल आ गया है. जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को तिलक नहीं लगाने का निर्देश दिया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : डीजीपी के तिलक संबंधी बयान पर भड़के हरिभूषण ठाक
डीजीपी के बयान से भूचाल - फोटो : VANDANA

PATNA : भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर 'बचौल' ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के उस कथित निर्देश पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें पुलिसकर्मियों के चंदन या तिलक लगाकर ड्यूटी पर आने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बचौल ने इसे तुष्टीकरण की पराकाष्ठा बताते हुए सरकार से इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो बयान में हरिभूषण ठाकुर बचौल ने सीधे डीजीपी विनय कुमार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "डीजीपी ने कहा है कि कोई भी चंदन लगाकर पुलिस की ड्यूटी पर नहीं आएगा। तो फिर कोई भी बुर्का पहनकर, मूंछ छिलाकर या लंबी दाढ़ी रखकर भी पुलिस ड्यूटी में नहीं आना चाहिए। यही लोकतंत्र का असली तकाजा है।" 

पूर्व विधायक ने तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ऐसी नीतियों ने देश को पहले ही बहुत नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा, "तुष्टीकरण की नीति ने इस देश को बर्बाद कर दिया है। अगर आगे भी डीजीपी साहब की यही मंशा है, तो यह किसी भी तरह से उचित नहीं है।" बचौल ने स्पष्ट किया कि धार्मिक प्रतीकों के प्रति इस तरह का भेदभाव संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

बचौल ने आगे कहा कि पुलिस बल में अनुशासन जरूरी है, लेकिन इसे किसी विशेष धर्म की मान्यताओं और परंपराओं को निशाना बनाने का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर एक वर्ग के लिए नियम बनाए जा रहे हैं, तो वे नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने डीजीपी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे प्रशासनिक विफलता का संकेत बताया। अंत में, भाजपा नेता ने राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को डीजीपी के ऐसे बयानों या निर्देशों पर स्पष्टीकरण मांगना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिहार पुलिस में किसी भी प्रकार की तुष्टीकरण की नीति को बढ़ावा न मिले।

वंदना की रिपोर्ट