रिशु श्री प्रकरण पर घिरी सरकार: कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ का हमला- टेंडर व पोस्टिंग माफिया पर क्यों मौन हैं सीएम सम्राट चौधरी?
बहुचर्चित 'रिशु श्री प्रकरण' की जांच में ढिलाई और रसूखदार दोषियों को बचाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है....
Patna : रिशु श्री प्रकरण की जांच में बरती जा रही कथित शिथिलता और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने को लेकर बिहार कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन सह मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इस पूरे मामले पर कड़ी आपत्ति और आश्चर्य जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े हाई-प्रोफाइल केस में छह आईएएस (IAS) अधिकारियों का नाम खुलेआम सामने आने के बावजूद मात्र दो आईएएस को सस्पेंड किया गया है, जो इस महाघोटाले पर पर्दा डालने और महज खानापूर्ति करने की कवायद प्रतीत होती है।
आईएएस आनंद किशोर को सेवा विस्तार देने पर उठाए गंभीर सवाल
सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सेवा विस्तार श्रृंखला के तहत आने वाले आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को करीब एक दशक (10 साल) से एक ही महत्वपूर्ण पद पर बनाए रखा गया है और उन्हें लगातार सेवा विस्तार दिया जा रहा है। राठौड़ ने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण में उक्त अधिकारी का नाम भी बेहद प्रमुखता से सामने आया है, इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
भ्रष्ट अधिकारियों के नेक्सस से बिहार को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान
राजेश राठौड़ ने प्रशासनिक तंत्र पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्ट नौकरशाहों और बिचौलियों का यह गठजोड़ (नेक्सस) बिहार जैसे गरीब राज्य को खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस साठगांठ की वजह से सूबे को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो बिहार को विकास की दौड़ में पीछे धकेल रहा है। दूसरी ओर, सरकारी टेंडरों की मध्यस्थता करने वाले दलाल और माफिया अधिकारियों की शह पर अवैध रूप से करोड़ों रुपये की अकूत संपत्ति अर्जित करने में मशगूल हैं।
गैर-जरूरी मुद्दों पर मुखर रहने वाले सीएम की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री के रुख पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि सूबे के मुखिया सम्राट चौधरी आम तौर पर बेहद मुखर रहते हैं। वे लगातार गैर-जरूरी मुद्दों पर भी बढ़-चढ़कर बयानबाजी करते हैं और अपने भाषणों के जरिए राजनीतिक सक्रियता जाहिर करते हैं। लेकिन ऐसी कौन सी अदृश्य ताकत है, जो उन्हें इस रिशु श्री प्रकरण पर बोलने से रोक रही है और उन्हें मजबूरी में मौन धारण करना पड़ रहा है? राठौड़ ने तीखा सवाल किया कि आखिर कोई टेंडर और पोस्टिंग दलाल इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है कि सूबे के मुख्यमंत्री को ही चुप करा दे?
मुख्यमंत्री से बाकी दोषी अधिकारियों पर भी तुरंत कार्रवाई की मांग
राजेश राठौड़ ने कहा कि बिहार की जनता को अपने मुख्यमंत्री से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने माना कि मुख्यमंत्री ने शुरुआत में हिम्मत दिखाते हुए दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड करने का बड़ा कदम उठाया था, लेकिन जिन अन्य आईएएस अधिकारियों के नाम सार्वजनिक हो चुके हैं, उन पर अब तक जांच या सस्पेंशन की कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह समझ से परे है। कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लें, अपनी प्रशासनिक सक्रियता दिखाएं और बाकी बचे सभी भ्रष्ट व रसूखदार अधिकारियों पर अविलंब कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
नरोत्तम की रिपोर्ट