Bihar Government School: सरकारी स्कूलों के लिए नया नियम, अब हफ्ते में 3 दिन ऐसे होगी पढ़ाई, शिक्षकों को मिला यह टास्क

Bihar Government School: पटना के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। स्कूलों को साफ-सुथरा रखने, प्रैक्टिकल क्लास बढ़ाने और छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

शिक्षा विभाग
सरकारी स्कूलों के लिए नया नियम ! - फोटो : social media

Bihar Government School:  बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही है। इसी कड़ी में स्कूलों में शैक्षणिक माहौल सुधारने के लिए नया निर्देश जारी किया गया है। अब स्कूली शिक्षा में लैब और रीडिंग क्लब पर जोर दिया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को टास्क दिया गया है कि वो बच्चों को प्रेरित करें कि बच्चे इंटरनेट से दूर रहें। स्कूलों में अब हफ्ते में 3 दिन प्रैक्टिकल होगा जिसमें बच्चों को एक दूसरे से चर्चा करना होगा। 

बेहतर शिक्षा के लिए दिशा-निर्देश 

दरअसल, जिला शिक्षा कार्यालय ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालिया निरीक्षण में कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल संतोषजनक नहीं पाए जाने पर विभाग ने नाराजगी जताई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक) सैफुर रहमान ने स्कूल परिसरों को साफ-सुथरा रखने और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल बनाने का निर्देश दिया है। 

हफ्ते में 3 दिन प्रैक्टिकल की पढ़ाई 

साथ ही यह भी सामने आया कि स्कूलों में उपलब्ध प्रयोगशालाओं (लैब) का उपयोग बहुत कम हो रहा है, जिसे लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अब सभी स्कूलों में सप्ताह में कम से कम तीन प्रैक्टिकल कक्षाएं आयोजित कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए एक नोडल शिक्षक नियुक्त किया जाएगा, जो लैब गतिविधियों की डायरी तैयार करेगा। इसमें प्रत्येक प्रैक्टिकल के विषय और विवरण दर्ज किया जाएगा, जिसे प्रधानाध्यापक रोजाना अपडेट करेंगे।

छात्रों के किया जाएगा प्रेरित 

विभाग ने शिक्षण पद्धति में बदलाव पर भी जोर दिया है। निर्देश के अनुसार, छात्रों को केवल व्याख्यान सुनने तक सीमित न रखकर उन्हें समूह चर्चा, प्रोजेक्ट वर्क, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनी, रोल प्ले और प्रयोगात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। शिक्षकों को छात्रों में जिज्ञासा विकसित करने और उन्हें प्रश्न पूछने व समाधान खोजने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।

शिक्षकों को मिला टास्क 

इसके अलावा, स्कूलों में लाइब्रेरी को सुदृढ़ बनाने और छात्रों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लाइब्रेरी में पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ समाचार पत्र और पत्रिकाएं उपलब्ध कराने तथा नियमित पठन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में सभी स्कूलों में रीडिंग क्लब की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए एक नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा।  जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने छात्रों को इंटरनेट मीडिया से दूर रहने की सलाह देते हुए शिक्षकों से भी कहा है कि वे बच्चों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करें।