नीतीश कुमार अचानक पहुंचे पटना साहिब गुरुद्वारा, मत्था टेककर मांगी इनकी खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार की राजनीतिक और सार्वजनिक सक्रियता एक अलग अंदाज में देखने को मिल रही है। वे लगातार लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और कई जगहों पर जा रहे हैं.
Nitish Kumar : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को अचानक तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने गुरु महाराज के दरबार में मत्था टेककर अरदास की। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से उन्हें परंपरागत सम्मान स्वरूप सरोपा भेंट किया गया। नीतीश कुमार ने कुछ समय तक दरबार साहिब में श्रद्धापूर्वक समय बिताया और बिहार के साथ-साथ पूरे देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार की राजनीतिक और सार्वजनिक सक्रियता एक अलग अंदाज में देखने को मिल रही है। वे लगातार लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और अक्सर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश कार्यालय में भी दिखाई देते हैं। इसके अलावा हाल के महीनों में वह पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और सहयोगियों के घर भी पहुंचे हैं। राजनीतिक हलकों में उनकी इस सक्रियता को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि जदयू की ओर से इसे संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद की प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है।

पटना साहिब गुरुद्वारा से नीतीश कुमार का जुड़ाव पहले भी चर्चा में रहा है। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए वर्ष 2017 में दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश पर्व का भव्य आयोजन किया गया था। इस अवसर पर देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों समेत दुनिया के कई हिस्सों से लाखों सिख श्रद्धालु पटना पहुंचे थे। उस आयोजन को लेकर बिहार सरकार की तैयारियों और व्यवस्थाओं की व्यापक सराहना हुई थी।

इसी अवधि में पटना साहिब क्षेत्र में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, पर्यटन सुविधाओं और श्रद्धालुओं के आवागमन से जुड़ी कई आधारभूत परियोजनाओं पर काम किया गया। गुरुद्वारा परिसर और आसपास के इलाके में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई विकास कार्य कराए गए, जिससे इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल की सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री के इस दौरे को धार्मिक आस्था और सामाजिक संवाद के एक सामान्य कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। गुरुद्वारा में दर्शन के दौरान उन्होंने शांति, सद्भाव और राज्य की तरक्की के लिए प्रार्थना की।
रजनीश की रिपोर्ट