नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर ग्रहण: फतुहा में 'फिनटेक सिटी' का भारी विरोध, ग्रामीणों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

पटना के फतुहा में 'फिनटेक सिटी' के लिए हो रहे जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व की परियोजनाओं के लिए पहले ही जमीन दे चुके किसानों ने अब सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी देते हुए अधिग्रहण रोकने की मांग की है।

नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर ग्रहण: फतुहा में 'फिनटेक सिटी' क

Patna - पटना के फतुहा में प्रस्तावित नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'फिनटेक सिटी' को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। जैतिया पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की है । ग्रामीणों का आक्रोश इतना अधिक है कि उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी पुश्तैनी जमीन छीनी गई, तो वे सामूहिक आत्मदाह करने को विवश होंगे 

एक ही मौजा को बार-बार निशाना बनाने का आरोप

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे जैतिया पंचायत के सरपंच बॉबी प्रधान और ग्रामीण मनीष कुमार ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है । उनका कहना है कि जैतिया मौजा (थाना नंबर 79) से पहले ही रेलवे लाइन, भारतमाला परियोजना और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए 108 एकड़ उपजाऊ भूमि ली जा चुकी है । अब फिर से इसी मौजा में 242 एकड़ जमीन फिनटेक सिटी के लिए अधिग्रहित की जा रही है, जिससे किसान भूमिहीन हो जाएंगे 

उपजाऊ जमीन और आजीविका का संकट

किसानों का तर्क है कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, वह साल में तीन फसलें उगाने वाली बेहद उपजाऊ भूमि है । ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक हजार लोग इस अधिग्रहण के कारण बेघर और बेरोजगार होने की कगार पर हैं । उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूर्व में दिए गए लॉजिस्टिक पार्क से स्थानीय लोगों को कोई सीधा लाभ नहीं मिला, तो फिनटेक सिटी से उनके विकास का क्या आधार है 

प्रशासनिक वार्ता और ग्रामीणों का सुझाव

विरोध प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए अंचलाधिकारी (CO) मुकेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की । वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि सरकार को एक ही मौजा में बार-बार अधिग्रहण करने के बजाय अन्य क्षेत्रों में विकास करना चाहिए । ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें लॉजिस्टिक पार्क से आपत्ति नहीं थी क्योंकि उसके लिए उन्होंने स्वेच्छा से जमीन दी थी, लेकिन अब वे और अधिक जमीन खोने को तैयार नहीं हैं 

उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन

अंचलाधिकारी ने स्वीकार किया कि जैतिया पंचायत के लोग अपनी वाजिब शिकायतों के साथ आए थे । उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बताया कि चूंकि इस मौजा का चयन वरीय स्तर के उच्चाधिकारियों द्वारा किया गया है, इसलिए स्थानीय प्रशासन के हाथ सीमित हैं । हालांकि, उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी भावनाओं और सामूहिक आत्मदाह जैसी गंभीर चेतावनियों से वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत अवगत करा दिया जाएगा