भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में न्याय में देरी पर परिजनों मे आक्रोश, गठित किया 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी'
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में इंसाफ मिलने में हो रहे विलंब से आहत परिजनों ने अब भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी बनाया है। जिसके माध्यम से वे भरत तिवारी और उनके जैसे पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे.....
Patna : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में इंसाफ मिलने में हो रहे विलंब को लेकर परिजनों और समर्थकों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। न्याय प्रक्रिया में आ रही अड़चनों और प्रशासनिक ढिलाई से क्षुब्ध होकर पीड़ित परिवार ने 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी' नामक नए सामाजिक-न्यायिक संगठन का गठन किया है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भरत तिवारी के दोषियों को सजा दिलाना और देश भर में प्रताड़ित तथा पीड़ित परिवारों को कानूनी व सामाजिक सहयोग प्रदान करना है। राजधानी पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस नए संगठन के गठन की औपचारिक घोषणा की गई।
मां आशा देवी का छलका दर्द, सीएम के आश्वासन पर उठाए सवाल
मीडिया को संबोधित करते हुए भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भावुक मन से कहा कि उन्हें आज भी न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की गति निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्हें निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का ठोस आश्वासन मिला था। हालांकि, आश्वासन के महीनों बीत जाने के बाद भी मामले में शामिल सभी नामजद दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी मजबूरी में उन्हें 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी' का गठन करना पड़ा है, जिसकी कमान उन्होंने अजीत सिंह को सौंपी है।
"जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे अधिकारी"—प्रशासन पर गंभीर आरोप
मां आशा देवी ने जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर सिर्फ पूछताछ और बयानों का दौर चलता है, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है और न ही मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है। उन्होंने ऐलान किया कि वे एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले की पारदर्शी जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए न्याय की गुहार लगाएंगी।
देश भर में पीड़ितों की आवाज बनेगा संगठन: अध्यक्ष अजीत सिंह
संगठन के नवनियुक्त अध्यक्ष अजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब होना अपने आप में घोर अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि वे पहले दिन से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। अजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी' केवल भरत तिवारी के केस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश भर में जहां भी किसी असहाय परिवार पर अत्याचार या पुलिसिया बर्बरता होगी, वहां यह संगठन कानूनी मदद और जमीनी संघर्ष के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ा मिलेगा।
भोजपुर एनकाउंटर केस में निष्पक्ष न्याय की मांग तेज
उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई इस एनकाउंटर घटना को लेकर पुलिस की थ्योरी पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। परिजनों का साफ आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया फर्जी एनकाउंटर (न्यायेतर हत्या) था। अब नए संगठन के गठन के बाद माना जा रहा है कि पीड़ित परिवार इस लड़ाई को केवल अदालती कमरों तक सीमित न रखकर जन-आंदोलन के रूप में सड़कों पर भी उतारेगा।
नरोत्तम की रिपोर्ट