आय से 110% अधिक संपत्ति का मालिक निकला कार्यपालक पदाधिकारी, निगरानी की छापेमारी में हुआ खुलासा

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में निगरानी एकबार फिर बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी की टीम ने मुजफ्फरपुर जिला के नगर पंचायत माधोपुर सुस्ता के कार्यपालक पदाधिकारी के कई ठिकानों पर छापेमारी की है....

आय से 110% अधिक संपत्ति का मालिक निकला कार्यपालक पदाधिकारी,
धन कुबेर निकला कार्यपालक पदाधिकारी- फोटो : सोशल मीडिया

Patna : बिहार सरकार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पंचायत माधोपुर सुस्ता (जिला- मुजफ्फरपुर) के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। निगरानी थाना कांड संख्या-131/26 (दिनांक 04.11.2026) के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी के पास उनकी कुल ज्ञात आय से करीब 110% अधिक यानी 1,00,58,733/- रुपये की अप्रत्याशित संपत्ति अर्जित किए जाने का खुलासा हुआ है।


पत्नी और परिजनों के नाम पर 6 अचल संपत्तियां और बैंकों में जमा राशि मिली

जांच के दौरान यह सामने आया है कि प्राथमिक अभियुक्त श्री सुशील कुमार, उनकी पत्नी श्रीमती चांदनी गुप्ता एवं अन्य परिजनों के नाम से कुल 6 अचल संपत्तियां पाई गई हैं, जिनका कुल बाजार मूल्य लगभग 1,37,71,400/- रुपये है। इसके अलावा, विभिन्न बैंकों में 28,54,000/- रुपये की चल संपत्ति भी पाई गई है।


पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा स्थित ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी जारी

विशेष न्यायालय (निगरानी, पटना) से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की तीन विशेष टीमों द्वारा गुरुवार को आरोपी के तीन प्रमुख ठिकानों—पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा स्थित आवास व कार्यालयों पर एक साथ तलाशी की कार्रवाई की जा रही है।


पैतृक और वर्तमान ठिकानों पर ब्यूरो की पैनी नजर

प्राप्त विवरण के अनुसार, आरोपी कार्यपालक पदाधिकारी का पैतृक निवास सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना अंतर्गत तरियामा गांव में है, जबकि उनका वर्तमान पता भूसौला दानापुर (एम्स पटना के निकट, फुलवारी शरीफ, पटना) है। ब्यूरो की टीम इन सभी ठिकानों पर दस्तावेजों और साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है।


मामले में आगे की अनुसंधान और तलाशी का कार्य जारी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में तलाशी अभियान और गहन अनुसंधान का कार्य अभी भी तेजी से जारी है, और तलाशी पूरी होने के बाद आय से जुड़े अन्य अवैध स्रोतों व संपत्तियों के संबंध में और खुलासे होने की संभावना है।


अनिल की रिपोर्ट