बिहार में उच्च शिक्षा के साथ रोजगार की गारंटी: शुरू होगा 4 वर्षीय AEDP डिग्री प्रोग्राम, हर महीने मिलेगा 12,300रुपये स्टाइपेंड
बिहार के 4 विश्वविद्यालयों और 13 कॉलेजों में 'एप्रेन्टिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम' (AEDP) की शुरुआत होने वाली है। इस प्रोग्राम के जरिए पढ़ाई के साथ उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा...
Patna : बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने और छात्रों को सीधे उद्योगों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। बिहार में जल्द ही 'एप्रेन्टिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम' (AEDP) की शुरुआत होने वाली है, जिसके तहत छात्र पढ़ाई के साथ-साथ कमाई भी कर सकेंगे। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को लेकर राजभवन में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इसके बाद 'क्रिसप' (CRISP) के फाउंडर मेंबर राधेश्याम जुलानिया ने मीडिया के साथ इस नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की।
75% अकादमिक शिक्षा और 25% स्किल ट्रेनिंग का फॉर्मूला
उन्होंने बताया कि यह नया स्नातक (Undergraduate) कार्यक्रम पूरी तरह से व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित होगा। 4 वर्षीय इस डिग्री कोर्स के पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है जिसमें 75 प्रतिशत हिस्सा अकादमिक शिक्षा का होगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग-आधारित कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके तीसरे वर्ष में छात्रों के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योगों में जाकर अप्रेंटिसशिप (इंटर्नशिप) करना अनिवार्य होगा, जिससे उन्हें कॉलेज से निकलते ही सीधे नौकरी के अवसर मिल सकें।
हर महीने ₹12,300 तक का मिलेगा स्टाइपेंड
राधेश्याम जुलानिया ने बताया कि तीसरे वर्ष में अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 12,300 रुपये तक का स्टाइपेंड (मासिक भत्ता) दिया जाएगा। छात्रों को मिलने वाले इस स्टाइपेंड की व्यवस्था भारत सरकार के 'बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग' (BOAT) के सहयोग से की जाएगी। इस कदम से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में बड़ी वित्तीय मदद मिलेगी और वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपना हुनर निखार सकेंगे।
इन आधुनिक विषयों की होगी पढ़ाई, 13 कॉलेजों का चयन
शुरुआती चरण में बिहार के 4 प्रमुख विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध 13 महाविद्यालयों में इस 4 वर्षीय AEDP स्नातक कार्यक्रम को हरी झंडी दी गई है। इस प्रोग्राम के तहत पारंपरिक विषयों के अलावा बाजार की मौजूदा मांग को देखते हुए आधुनिक और प्रोफेशनल कोर्सेज शामिल किए गए हैं। छात्र अब बी.कॉम (B.Com), बी.एससी (B.Sc) के अलावा बी.ए. कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग, डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स, और हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे हाई-डिमांड सेक्टर्स में डिग्री हासिल कर सकेंगे।
NEP 2020 के अनुरूप सुधरेगा बिहार का GER
यह पूरा रोजगारोन्मुखी डिग्री कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों और नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए CRISP और शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों ने चयनित कॉलेजों के प्राचार्यों और कोऑर्डिनेटरों को विस्तृत ओरिएंटेशन दिया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि AEDP प्रोग्राम के लागू होने से बिहार के सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrollment Ratio - GER) में उल्लेखनीय सुधार होगा और राज्य के छात्रों को डिग्री के साथ-साथ सीधे कॉर्पोरेट जगत का व्यावहारिक अनुभव हासिल होगा।
नरोत्तम की रिपोर्ट