Bihar Roadways:दीघा से कोईलवर फोरलेन सड़क परियोजना को एनओसी का इंतजार, पटना के जाम से मिलेगी राहत, सुधरेगी कई जिलों की कनेक्टिविटी
Bihar Roadways: बिहार की राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल प्रशासनिक अड़चनों में उलझी हुई है।...
Bihar Roadways: बिहार की राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल प्रशासनिक अड़चनों में उलझी हुई है। दीघा से कोईलवर तक प्रस्तावित 36 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना को रफ्तार देने के लिए नमामि गंगे परियोजना प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने का इंतजार है। पथ निर्माण विभाग की ओर से करीब तीन महीने पहले ही इस संबंध में औपचारिक पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिलने से निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ सकी है।
फिलहाल परियोजना स्थल पर मिट्टी की जांच का काम जारी है। इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न स्थानों से मिट्टी के नमूने जुटाकर प्रयोगशाला में उनकी जांच करा रहे हैं। इसका मकसद सड़क की नींव को मजबूत बनाना और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। विभाग के मुताबिक, गंगा नदी के किनारे या उसके पारिस्थितिकीय क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण के लिए संबंधित पर्यावरणीय और प्रशासनिक मंजूरियां जरूरी हैं। एनओसी मिलते ही निर्माण एजेंसी मशीनरी और संसाधनों के साथ काम में तेजी लाने की तैयारी में है।
डेढ़ घंटे का सफर सिमटकर 30 मिनट होने की उम्मीद
इस परियोजना के तहत जेपी गंगा पथ के दीघा छोर से कोईलवर तक 36 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जानी है। योजना पूरी होने पर पटना से कोईलवर पहुंचने में लगने वाला करीब डेढ़ घंटे का वक्त घटकर लगभग 30 मिनट रह सकता है। हैदराबाद की कंपनी विश्व समुद्रा इस परियोजना का निर्माण कर रही है।
योजना के मुताबिक, कुल 36 किलोमीटर में से 18 किलोमीटर सड़क एलिवेटेड होगी, जबकि शेष 18 किलोमीटर का निर्माण मिट्टी के बांध पर किया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए 32 किलोमीटर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पटना के जाम से मिलेगी राहत, कई जिलों की कनेक्टिविटी सुधरेगी
प्रस्तावित सड़क दीघा स्थित जेपी सेतु से शुरू होकर शेरपुर और बिहटा होते हुए कोईलवर के नए पुल से जुड़ेगी। इसे शेरपुर के पास प्रस्तावित शेरपुर-दिघवारा छह लेन पुल से जोड़ने की भी योजना है। इससे सारण और वैशाली समेत आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।
परियोजना पूरी होने पर पटना शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दानापुर और शाहपुर के लोगों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है। वहीं, बक्सर और आरा की ओर जाने वाले यात्रियों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
फिलहाल परियोजना की रफ्तार काफी हद तक जरूरी मंजूरी पर निर्भर है। एनओसी मिलने में हो रही देरी निर्माण की समयसीमा को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में संबंधित प्राधिकरण की स्वीकृति इस सड़क परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अहम मानी जा रही है।