दलाल है भाजपा का MLC, दलाली से पटना का सारा जमीन लिखवा लिया RJD एमएलसी, चोर है... बिहार विधान परिषद में जमकर 'गाली-गलौज'
बिहार विधान परिषद में बुधवार को भाजपा और राजद एमएलसी एक दूसरे से न सिर्फ सदन में भिड़ गए बल्कि दलाल, चोर और माफिया बताकर खूब हंगामा किया.
Bihar News : बिहार विधान परिषद में बुधवार को प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप योजना को लेकर चर्चा के दौरान भाजपा और राजद सदस्यों के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि सदस्यों के बीच व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल होने लगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सख्त लहजे में सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखने की हिदायत देनी पड़ी।
मामला बिहार सरकार की ओर से राज्य के 11 शहरों और क्षेत्रों में सुनियोजित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना से जुड़ा था। चर्चा के दौरान राजद के डॉ. सुनील सिंह ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि टाउनशिप योजना को लेकर नियमों की अस्पष्टता के कारण बड़ी संख्या में भूमि मालिकों को अपनी जमीन बेचने में परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से नियमों को स्पष्ट करने की मांग की।
डॉ. सुनील सिंह के सवाल का समर्थन करते हुए जदयू के नीरज कुमार ने भी किसानों और भूमि मालिकों के बीच पैदा हुए भ्रम का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि टाउनशिप योजना को लेकर जमीन मालिकों के बीच स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने सरकार की ओर से नियमों की स्थिति स्पष्ट की। हालांकि, डॉ. सुनील सिंह मंत्री के जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आए और इस मुद्दे पर चर्चा आगे बढ़ती रही।
‘दलाल’ शब्द पर शुरू हुआ विवाद
इसी दौरान भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव ने कहा कि कोई भी जमीन मालिक टाउनशिप योजना का विरोध नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का विरोध केवल जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों की ओर से किया जा रहा है। नवल किशोर यादव की ओर से ‘दलाल’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर डॉ. सुनील सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने भी नवल किशोर को दलाली करने वाला बताया. हालांकि दोनों ओर से दौरान एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए और ‘दलाल’, ‘चोर’ और ‘माफिया’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने से सदन का माहौल गरमा गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि बहस व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। सदन में इसे लेकर कुछ समय तक जमकर हंगामा और नारेबाजी होते रही। स्थिति अराजक होता देख सभापति ने सदस्यों को तल्ख लहजे से सदन की मर्यादा बनाये रखने का निर्देश दिया।
कुछ देर तक सदन में हंगामा और नारेबाजी होती रही। स्थिति बिगड़ती देख सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदस्यों को कड़े शब्दों में सदन की गरिमा और भाषाई मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया। सभापति ने स्पष्ट किया कि सदन में व्यक्तिगत आरोप लगाने और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल को स्वीकार नहीं किया जा सकता।