Khan Sir: कोचिंग वॉर में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने बढ़ाया अंतरिम संरक्षण, अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक, गार्ड्स की जमानत याचिका पर अब 25 जून को ही सुनवाई

Khan Sir: पटना के चर्चित कोचिंग वॉर मामले में शनिवार को सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

Major relief for Khan Sir in the coaching war Court extends
कोचिंग वॉर में खान सर को बड़ी राहत- फोटो : social Media

 Khan Sir:  पटना के चर्चित कोचिंग वॉर मामले में शनिवार को सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान शिक्षक  फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनके लिए पहले से मिले अंतरिम संरक्षण (इंटिरिम प्रोटेक्शन) को अगली सुनवाई की तारीख तक बढ़ा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगली सुनवाई तक खान सर को गिरफ्तारी से राहत मिलेगी और उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ मिलता रहेगा।

सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से मामले से जुड़ी अपडेटेड केस डायरी अदालत में प्रस्तुत की गई। केस डायरी दाखिल होने के बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने तत्काल कोई अंतिम फैसला सुनाने के बजाय मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया।

खान सर के साथ-साथ उनके पक्ष से जुड़े अन्य लोगों को भी अदालत से राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर पुलिस कार्रवाई नहीं करने का निर्देश देते हुए नो कोर्सिव एक्शन का संरक्षण प्रदान किया है। इससे फिलहाल संबंधित पक्षों को बड़ी राहत मिली है।वहीं दूसरी ओर मामले में पटना पुलिस ने डायरी में स्वीकरार किया है कि दहशत फैलाने के लिए गाली चालाई गई थी। अपडेटेड केस डायरी पढ़ने के बाद ही जज कोई फैसला सुनाएंगे।

वहीं, फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों बॉडीगार्ड की जमानत याचिका पर भी कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने 25 जून दोनों गार्ड्स को न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं। गार्ड्स की जमानत याचिका पर अब 25 जून को ही सुनवाई होगी।

इससे पहले विरोधी पक्ष के अधिवक्ता निरंजन कुमार ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि पूरे विवाद की साजिश कथित तौर पर खान ग्लोबल स्टडीज से रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाना में दिए गए आवेदन पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि मामले में पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

विरोधी पक्ष का यह भी दावा है कि रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस के साथ आपराधिक घटनाएं हुई हैं तथा इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को लगातार प्रतिवेदन दिया जा रहा है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि जेल के अंदर रौशन आनंद पर हमले का प्रयास किया गया और उनके भाई के साथ भी आपराधिक कृत्य हुआ, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।फिलहाल अदालत से मिली राहत ने खान सर के पक्ष को कुछ समय के लिए मजबूती दी है, लेकिन कोचिंग वॉर’का यह बहुचर्चित मामला अभी कानूनी और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें अगली सुनवाई और अदालत के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।